महंत के राज में संत भी सुरक्षित नहीं- पूर्व IAS ने CM योगी को मारा ताना, पुण्य प्रसून बाजपेयी बोले, यही कलयुग है

महंत नरेंद्र गिरी की मौत पर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार कुछ लोगों के निशाने पर आ गई है। पूर्व आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने नरेंद्र गिरी की मौत को लेकर योगी आदित्यनाथ पर सवाल उठाए हैं।

mahant narendra giri, yogi adityanath, surya pratap singh महंत नरेंद्र गिरी की मौत को लेकर योगी आदित्यनाथ अपने आलोचकों के निशाने पर हैं (Photo-Akhilesh Yadav Twitter/File)

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी सोमवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए। उनका शव प्रयागराज के उनके मठ में फांसी के फंदे से लटका मिला। एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ जिसमें उन्होंने अपने शिष्य आंनद गिरी पर मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया। पुलिस ने आनंद गिरि को गिरफ्तार कर लिया है। नरेंद्र गिरी की कथित आत्महत्या पर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार कुछ लोगों के निशाने पर आ गई है। लोग कह रहे हैं कि एक महंत के राज में महंत ही सुरक्षित नहीं है। पूर्व आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने नरेंद्र गिरी की मौत को लेकर योगी आदित्यनाथ पर सवाल उठाए हैं।

अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से किए गए एक ट्वीट में रिटायर्ड आईएएस ने लिखा, ‘महंत के राज में महंत की आत्म(?)’हत्या’! यूपी में संत भी सुरक्षित नहीं?’

वरिष्ठ पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेयी ने भी महंत की मौत को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘ये कलयुग है…. क्या राजा क्या रंक… क्या संत क्या मंहत…।’

पत्रकार रोहिणी सिंह ने महंत नरेंद्र गिरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इस मामले की जांच होनी चाहिए। उन्होंने ट्वीट किया, ‘महंत नरेंद्र गिरि का संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगा लेना बेहद दुखद और आश्चर्यजनक है। यह खबर उनके भक्तगणों व समर्थकों के लिए बड़े सदमे की तरह है। अखाड़े और मंदिर परिषद में कुछ दिनों से चल रही सभी गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए इस प्रकरण की गंभीरता से जांच की जानी चाहिए।’

वहीं, समाजवादी पार्टी नेता आईपी सिंह ने योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री संत समाज की रक्षा करने में विफल साबित हुए हैं। उन्होंने ट्वीट किया, ‘संत समाज की रक्षा करने में विफल हैं मुख्यमंत्री। अबतक दो दर्जन से ज्यादा साधु-संतों की हत्या प्रदेश में हो चुकी है।’

उन्होंने अपने एक और ट्वीट में योगी आदित्यनाथ के साथ आनंद गिरि की एक पुरानी तस्वीर शेयर करते हुए ट्वीट किया, ‘महंत नरेंद्र गिरी इस संसार से पलायन कर गए। सीएम योगी आदित्यनाथ के दाहिने तरफ उनके शिष्य आंनद गिरी को उनकी मौत का जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। देशभर में साधु संतों ने सीबीआई जांच की मांग की है। 2017 के बाद दो दर्जन साधु संतो की हत्या हो चुकी है। यूपी में जंगलराज है।’

आपको बता दें, एक वक्त नरेंद्र गिरी और उनके शिष्य आंनद गिरी के बीच विवाद चल रहा था हालांकि बाद में सब कुछ ठीक हो गया था। नरेंद्र गिरी फर्जी संतों और अखाड़ों को लेकर हमेशा से अपनी आवाज बुलंद करते आए थे। उनके आकस्मिक मौत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, योगी आदित्यनाथ, अखिलेश यादव आदि नेताओं ने शोक जताया है।