महंत नरेंद्र गिरि मौत केसः अमर गिरि की शिकायत पर शिष्य आनंद गिरि पर FIR, 2 और हिरासत में; डिप्टी CM बोले- दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा

पूरे घटनाक्रम पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि साजिश न होती तो महाराज जी कभी भी आत्महत्या नहीं कर सकते थे। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि (फोटो: ट्विटर/ yadavakhilesh)

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की कथित आत्महत्या मामले में पुलिस ने महंत आनंद गिरि पर एफआईआर दर्ज कर लिया है। पूरे घटनाक्रम में अब तक तीन शिष्यों को हिरासत में लिया गया है। जिसमें आनंद गिरि भी शामिल है। पुलिस की तरफ से दफा 306 यानी आत्महत्या के लिए मजबूर करने या उकसाने का मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस की तरफ से दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि आनंद की प्रताड़ना की वजह से ही मंहत ने अपनी जान दे दी। हालांकि साथ ही पुलिस का कहना है कि जब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने नहीं आ जाता तब तक कुछ भी कहना सही नहीं होगा। आनंद गिरि को हरिद्वार से पुलिस ने हिरासत में लिया है। वहीं प्रयागराज लेटे हनुमान मंदिर के पुजारी और उनके बेटे को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है।

आनंद गिरि ने लगाया हत्या का आरोप: हिरासत में लिए जाने से पहले आनंद गिरि ने मीडिया के सामने कहा कि इस बात में उन्हें शक नहीं कि उनके गुरु महंत नरेंद्र गिरि की हत्या की गयी है। इसमें कौन लोग शामिल हैं, इस बात का खुलासा होना चाहिए। कई लोग ऐसे हैं, जिन पर उन्हें शक है और सच्चाई सामने आनी ही चाहिए। मैं अगर दोषी पाया जाता हूं तो फिर मुझे भी सजा मिलनी चाहिए।

पूरे घटनाक्रम पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि साजिश न होती तो महाराज जी कभी भी आत्महत्या नहीं कर सकते थे। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि कोई भी दोषी होगा उसे कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। जरूरत पड़ी तो सीबीआई जांच भी की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरे मामले पर राजनीति कर रही है।

बताते चलें कि कांग्रेस ने महंत नरेंद्र गिरि की कथित आत्महत्या पर सोमवार को दुख जताया था और साथ ही कहा था कि यह खुदकुशी है या फिर ‘सुनियोजित हत्या’ का मामला है। महंत नरेंद्र गिरि ने अपने मठ बाघंबरी गद्दी में सोमवार की शाम कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘‘संतों महन्तों की सर्वोच्च संस्था अखाड़ा परिषद के आदरणीय महंत नरेंद्र गिरी जी की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हृदयविदारक है। श्रद्धांजलि।’’ उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या यह आत्महत्या है या सुनियोजित हत्या? उत्तर प्रदेश भाजपा की ये कैसी सरकार है जो देश के संतों महंतों की रक्षा करने में भी समर्थ नहीं?’’

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महंत के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए ट्वीट किया था, ‘‘अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री नरेंद्र गिरि जी का देहावसान अत्यंत दुखद है। आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति समर्पित रहते हुए उन्होंने संत समाज की अनेक धाराओं को एक साथ जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई। प्रभु उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें। ॐ शांति!!’’