महाराष्ट्र में तालिबान जैसी सरकार- केंद्रीय मंत्री नारायण राणे की गिरफ्तारी पर बोले BJP के देवेंद्र फडणवीस

वहीं, महाराष्ट्र के एक भाजपा विधायक ने मंगलवार को दावा किया कि पुलिस हिरासत में केंद्रीय मंत्री नारायण राणे की जान पर खतरा है।

BJP, SHIVSENA, Mumbai पूरे घटनाक्रम के बीच मंगलवार को राज्य के मंत्री एवं शिवसेना नेता गुलाबराव पाटिल ने कहा कि राणे को ‘आघात उपचार’ की जरूरत है क्योंकि वह अपना मानसिक ‘संतुलन’ गंवा बैठे है। (फाइल फोटोः पीटीआई)

केंद्रीय मंत्री नारायण राणे की गिरफ्तारी पर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बोले हैं कि महाराष्ट्र में तालिबान जैसी सरकार है। उन्होंने कहा, “भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) राणे की टिप्पणी का समर्थन नहीं करती है, पर पार्टी 100 फीसदी उनके पीछे खड़ी है।” उन्होंने आरोप लगाया कि सूबे की पुलिस को बदले की राजनीति की भावना से इस्तेमाल किया गया। राज्य में कानून और न्याय व्यवस्था होनी चाहिए न कि तालिबान जैसा शासन।

सूबे में विपक्ष के नेता ने बाद में मराठी में एक ट्वीट करते हुए लिखा- केंद्रीय मंत्री नारायण राव राणे के खिलाफ की गई कार्रवाई बदले की भावना से की गई है। मैं पुलिस व्यवस्था के इस दमन की कड़ी निंदा करता हूं। शरजील उस्मानी मोकत और नारायण राणे गिरफ्तार! यह है नया हिंदुत्व और ऐसा है नया महाराष्ट्र!!!

‘राणे की जान को है खतरा’: विधानपरिषद के भाजपा सदस्य प्रसाद लाड ने तटीय रत्नागिरि जिले के संगमेश्वर में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि केंद्रीय मंत्री के साथ पुलिस ने बुरा बर्ताव किया। लाड ने आगे कहा, ‘‘राणे जब भोजन कर रहे थे तब पुलिस ने उन्हें धक्का मारा। वह करीब 70 साल के हैं। क्या इतनी उम्र के व्यक्ति के साथ ऐसा बर्ताव किया जाना चाहिए? हमें लगता है कि उनकी जान को खतरा है।’’

पुलिस ने केंद्रीय मंत्री को मारा धक्का- लाडः उनके मुताबिक, ‘‘राणे जब भोजन कर रहे थे तब पुलिस ने उन्हें धक्का मारा। वह करीब 70 साल के हैं। क्या इतनी उम्र के व्यक्ति के साथ ऐसा बर्ताव किया जाना चाहिए? हमें लगता है कि उनकी जान को खतरा है।’’ भाजपा विधायक बोले, ‘‘राणे का जिस डॉक्टर ने चेक-अप किया, उसने कहा कि वह मधुमेह रोगी हैं, लेकिन वह उनका शर्करा स्तर चेक नहीं कर पाया। उनका रक्तचाप भी बढ़ गया है। फिलहाल यह 160/110 है। डॉक्टर ने यह भी कहा कि उसने उनका ईसीजी लिया और इस बात पर गौर करते हुए कि वह मधुमेह रोगी है, उनके शर्करा (स्तर) की जांच की जरुरत है, और उन्हें अस्पताल में भर्ती किया जाना चाहिए।’’

बोले उद्धव के मंत्री- राणे को आघात उपचार देना चाहिएः उधर, मुंबई में राज्य के मंत्री और शिवसेना नेता गुलाबराव पाटिल ने कहा कि राणे ‘‘अपना मानसिक संतुलन गंवा चुके हैं।’’ उन्होंने अनुसार, उन्हें ठाणे भेजा जाना चाहिए और सही करने के लिए आघात उपचारदिया जाना चाहिए। शिवसेना नेता का इशारा वहां के सरकारी मानसिक रोग अस्पताल की ओर था। राणे के विरूद्ध कार्रवाई उपयुक्त है क्योंकि इससे उन सभी को एक कड़ा संदेश मिलेगा जो संवैधानिक पदों पर आसीन लोगों के विरूद्ध असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करते हैं। जान पड़ता है कि राणे यह भूल गये कि वह कभी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे।

क्या है पूरा मामला?: दरअसल, राणे ने दावा किया था कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने संबोधन में ठाकरे यह भूल गए कि देश की आजादी को कितने साल हुए हैं। राणे ने रायगढ़ जिले में सोमवार को ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ के दौरान कहा, ‘‘यह शर्मनाक है कि मुख्यमंत्री को यह नहीं पता कि आजादी को कितने साल हो गए हैं। भाषण के दौरान वह पीछे मुड़कर इस बारे में पूछते नजर आए थे। अगर मैं वहां होता तो उन्हें एक जोरदार थप्पड़ मारता।’’ राणे अपनी इस टिप्पणी के बाद विवादों में घिर गए और शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने राज्य के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन किया।