महाराष्ट्र संकटः दिल्ली से लौटकर गवर्नर से मिले देवेंद्र फडणवीस, फ्लोर टेस्ट कराने की मांग रखी सामने

मुंबईः फडणवीस की राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात के दौरान फ्लोर टेस्ट कराने की मांग रखी गई।

Mumbai, uddhav Thackeray, Maharashtra CM Uddhav Thackeray महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Express File Photo)

महाराष्ट्र में उद्धव सरकार के लिए काउंट डाउन शुरू हो चुका है। बीजेपी नेता व सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बागियों के संख्या बल को देखकर अपने पत्ते मंगलवार सुबह से खेलने शुरू कर दिए थे। देर शाम वो राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से जाकर मिले। उन्होंने उनसे फ्लोर टेस्ट कराने की मांग की। NEWS 24 की खबर के मुताबिक असम में बैठे शिवसेना के बागी विधायकों को मुंबई लौटने को कहा गया है, ताकि वो फ्लोट टेस्ट में भाग ले सकें। बागियों ने अपना सामान पैक करके वापस लौटने की तैयारी भी शुरू कर दी है।

देवेंद्र फडणवीस मंगलवार सुबह से ही एक्टिव थे। सबसे पहले वो दिल्ली जाकर अमित शाह और जेपी नड्डा से मिले। शाम को वो मुंबई लौटकर सीधे राजभवन पहुंचे। उनकी भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात हुई। बताया जाता है कि फडणवीस ने गवर्नर से कहा कि उद्धव सरकार के पास बहुमत नहीं है। लिहाजा फ्लोर टेस्ट कराकर उनको बहुमत साबित करने का आदेश दिया जाए।

क्या कर सकते हैं उद्धव

Azam Khan| samajwadi party| uttar pradesh|

रामपुर लोकसभा उपचुनाव: मुस्लिम बहुल इलाकों में बीजेपी को मिले कितने वोट, आजम खान के गढ़ में कैसे बदल गया खेल, जानें

guru transit 2022, jupiter transit 2022

1 साल तक इन राशियों पर रहेगी देवताओं के गुरु बृहस्पति की विशेष कृपा, आकस्मिक धनलाभ और भाग्योदय के प्रबल आसार

agnipath sceame | kanhaiya kumar | modi government

अग्निपथ का विरोध करने पहुंचे कन्हैया कुमार को युवाओं ने कहा- देशद्रोही, हुई मारपीट

rahu transit 2022, rahu gochar 2022

1 साल तक इन 3 राशि वालों को मिलेगा राहु ग्रह का विशेष आशीर्वाद, आकस्मिक धनलाभ और उन्नति के प्रबल योग

संविधान को जानने वालों के मुताबिक शिवसेना इस समय गहरे संकट में है। उनके 39 विधायक टूटकर असम में बैठे हैं। बहुमत साबित करना उद्धव के लिए टेढ़ी खीर होगी। राज्यपाल बहुमत साबित करने के लिए कहते हैं तो उनके पास जो विकल्प मौजूद हैं, उनमें वो कोर्ट का रुख कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी 11 जुलाई तक यथास्थिति रखने का आदेश दिया था। दूसरे कदम के तहत वो अपने विधायकों को व्हिप जारी करेंगे कि वो सरकार के पक्ष में मतदान करें। ऐसे में बागी विधायकों के लिए सरकार से कन्नी काटना मुश्किल हो जाएगा। उनकी सदस्यता खतरे में पड़ सकती है। तीसरे कदम के तहत वो इससे पहले ही मैदान छोड़ सकते हैं।

क्या है असेंबली का गणित

महाराष्ट्र में 288 सीट हैं। बहुमत का आंकड़ा 145 है। 2019 में हुए चुनावों में के बाद 57 सीटों वाली शिवसेना, 53 सीटों वाली एनसीपी और 44 सीटों वाली कांग्रेस ने सरकार बनाई थी। जबकि 105 सीटें जीतने के बावजूद भाजपा बहुमत से दूर रह गई। अन्य दलों व निर्दलीय विधायकों के साथ उद्धव सरकार के पाले में 169 विधायक थे। लेकिन राज्यसभा चुनावों में 113 विधायकों के समर्थन वाली भाजपा को 123 वोट मिले थे। एमएलसी चुनावों में भाजपा को 134 विधायकों का समर्थन हासिल हुआ। वो अपने पांचों उम्मीदवारों को जिताने में कामयाब रही। इसके उलट शिवसेना को अपने 55 विधायकों व समर्थक निर्दलीय विधायकों के बावजूद सिर्फ 52 वोट मिले।

फ्लोर टेस्ट हुआ तो उद्धव का जाना तय

288 सदस्यीय विधानसभा में अनिल देशमुख व नवाब मलिक जेल में हैं जबकि 1 सीट खाली है। फिलहाल प्रभावी संख्या 285 है। बहुमत के लिए 143 सदस्यों का समर्थन चाहिए। भाजपा पहले से सबसे बड़ी पार्टी है। भाजपा के 106 विधायक हैं तो राजग के मिलाकर 113 विधायक हैं। जबकि उद्धव कैंप के 39 विधायक बागी होकर बीजेपी के साथ जुड़ने जा रहे हैं। ऐसे में फ्लोर टेस्ट में उद्धव का जाना तय है।