महिला की कोरोना से मौत, विदेश में थे बेटे, पुलिस ने किया अंतिम संस्कार, परिजनों को लाइव दिखाया

कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीच पुलिस न सिर्फ कानून व्यवस्था संभाल रही है बल्कि उन शवों का अंतिम संस्कार भी कर रही है जिनके परिजनों ने या तो कोरोना के डर के चलते शवों को छोड़ दिया है या किसी वजह से परिजन शवों का अंतिम संस्कार नहीं कर सके हैं।

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कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीच पुलिस न सिर्फ कानून व्यवस्था संभाल रही है बल्कि उन शवों का अंतिम संस्कार भी कर रही है जिनके परिजनों ने या तो कोरोना के डर के चलते शवों को छोड़ दिया है या किसी वजह से परिजन शवों का अंतिम संस्कार नहीं कर सके हैं।

एक ऐसे ही मामले में उत्तर प्रदेश के आगरा में दो बेटे अपनी मां के अंतिम संस्कार में इसलिए नहीं आ सके क्योंकि वह विदेश में थे। आलम यह था कि महिला के पति भी मुंबई में लॉकडाउन के चलते फंसे रह गए थे। आखिर में पुलिस ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए महिला का अंतिम संस्कार किया। एकता चौकी के दरोगा शैलेंद्र सिंह ने मृत शारदा देवी का अंतिम संस्कार किया। साथ ही अंतिम संस्कार की पूरी प्रक्रिया को मोबाइल के जरिए लाइव परिजनों को दिखाया भी।

क्या है पूरा मामला?: आगरा के शमशाबाद रोड के जयपुरिया सनराइज कॉलोनी में शारदा देवी अकेले ही रहा करती थीं। उनके दोनों बेटे दुबई में परिवार सहित रहते थे। यही नहीं उनके पति भी मुंबई में रह रहे थे।
सब इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह ने बताया कि घर में अकेली रह रही महिला की मौत हो गई है। पड़ोस के लोग कोरोना के डर के चलते महिला का अंतिम संस्कार करने से कतरा रहे थे। पुलिस ने जैसे-तैसे महिला के शव को शवगृह में रखवाया और घरवालों से संपर्क किया।

घर वालों ने बताया कि वह आगरा आने में असमर्थ हैं बाद में परिजनों ने पुलिस को महिला का अंतिम संस्कार करने की सहमति दी। जिसके बाद बुधवार को महिला का अंतिम संस्कार किया गया।

इस दौरान महिला के परिजनों को इस प्रक्रिया को ऑनलाइन दिखाया गया। पुलिस के इस काम की अब हर जगह तारीफ हो रही है। परिजनों ने पुलिसे के प्रति विशेष आभार जताया है।

पुलिस ने बताया कि महिला की अस्थियों को नौकर को सौंप दिया जाएगा। साथ ही महिला से जुड़ी चीजें पुलिस ने संभाल कर रखी हैं और परिजनों के आने पर उन्हें सौंप दी जाएंगी।