मिजोरमः विश्व के सबसे बड़े परिवार के मुखिया जियोना का 76 की उम्र में निधन, 38 पत्नियों से हैं 89 बच्चे

जियोना चाना अपने 38 पत्नियों, 89 बच्चों, 14 बहुओं और 33 पोते पोतियों के साथ रहा करते थे।

21 जुलाई 1945 को जन्मे जियोना चाना मिजोरम की राजधानी आइजोल के पास बख्तवांग गांव में रहते थे। उनके इस बड़े परिवार की वजह से बख्तवांग गांव पर्यटन केंद्र बन गया था। (फोटो- ट्विटर/ZoramthangaCM)

मिजोरम की राजधानी आइजोल के पास बख्तवांग गांव में रहने वाले दुनिया के सबसे बड़े परिवार के मुखिया जियोना चाना का रविवार को निधन हो गया। जियोना चाना 38 पत्नियों, 89 बच्चे, 14 बहुओं और 33 पोते पोतियों के साथ बख्तवांग गांव में एक 100 कमरों वाले बड़े घर में रहते थे। उनके इस बड़े परिवार की वजह से बख्तवांग गांव पर्यटन केंद्र बन गया था। जियोना चाना की मृत्यु पर मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरामथंगा ने भी ट्वीट कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

21 जुलाई 1945 को जन्मे जियोना चाना 76 साल के थे। पिछले कुछ दिनों से उनकी तबियत ख़राब चल रही थी। रविवार को  मिजोरम की राजधानी आइजॉल के ट्रिनिटी हॉस्पिटल में उनका निधन हो गया। जियोना हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटिज के मरीज थे। 11 जून को उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई थी। बाद में उन्हें आइजॉल के ट्रिनिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया जहां उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली।

जियोना चाना ने 17 साल की उम्र में अपनी पहली शादी की थी। उन्होंने अपनी पहली शादी जाथियांगी से रचाई थी। बाद में उन्होंने 37 बार और शादी की। चाना बख्तवांग गांव में अपने 181 पारिवारिक सदस्यों के साथ एक घर में रहा करते थे। उनके घर का नाम न्यू जेनरेशन होम है। इस घर में चाना अपने 38 पत्नियों, 89 बच्चों, 14 बहुओं और 33 पोते पोतियों के साथ रहा करते थे। चाना की सबसे पहली पत्नी ही अभी भी घर की मुखिया का कामकाज संभालती हैं और सभी के कामों का बंटवारा भी वही करती हैं।

 

जियोना के परिवार में उनके 26 दामाद भी रहते थे। चाना ने अपने परिवार के बच्चों को पढ़ाने के लिए खुद का ही स्कूल बना लिया था। जियोना के सबसे बेटे की उम्र करीब 52 साल है और उनका नाम पारलियाना है। पारलियाना के अनुसार वे जिस जनजाति से ताल्लुक रखते हैं, उसमें कई शादियां की जा सकती हैं। उन्होंने बताया कि उनके पिता जियोना ने गरीब और अनाथ महिलाओं से शादी की और उन्हें अपने परिवार में जगह दी।

जियोना के परिवार के लोगों का खाना एक ही किचन में पकता है। उनके घर में  एक दिन के राशन में 45 किलो चावल, 25 किलो दाल, 20 किलो फल, 30 से 40 मुर्गे और 50 अंडों की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा इस परिवार में लगभग 20 किलो फल की भी हर रोज़ खपत होती है। जियोना के परिवार के लोगों ने अंडे की खपत को देखते हुए अपना पोल्ट्री फॉर्म ही खोल लिया था।