मुझे भी कुछ फिल्में दिला दो- जब देव आनंद से अधिक उनके डुप्लीकेट के पास आने लगीं फिल्में, एक्टर ने कह दी थी ऐसी बात

देव आनंद के हमशक्ल किशोर भानुशाली ने फिल्म ‘दिल’ में जो काम किया, इससे उन्हें काफी लोकप्रियता मिली। इस फिल्म को देखकर देव आनंद ने किशोर को मिलने के लिए बुलाया था।

dev anand, dev anand birthday, dev anand biography आज देव आनंद का जन्मदिन है (Photo-Indian Express Archive)

Dev Anand Birthday: हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता देव आनंद का आज जन्मदिन है। अभिनेता का जन्म 26 सितंबर 1923 को हुआ था। देव आनंद ने एक्टिंग के अलावा लेखन, निर्देशन और फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी काम किया और वो काफी सफल रहे। देव आनंद को कॉपी करके भी कई लोगों ने काफी नाम कमाया। ऐसे ही एक एक्टर हैं किशोर भानुशाली जिनकी शक्ल हुबहू देव आनंद से मिलती है। किशोर भानुशाली को देव आनंद की नकल के कारण ही कई फिल्मों में काम मिला।

देव आनंद के हमशक्ल ने फिल्म ‘दिल’ में जो काम किया, इससे उन्हें काफी लोकप्रियता मिली। इस फिल्म को देखकर देव आनंद ने किशोर को मिलने के लिए बुलाया था जिसका जिक्र उन्होंने बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में किया था। किशोर भानुशाली ने कहा था, ‘दिल की रिलीज के बाद मैं उनके ऑफिस गया था। मुझे देखते ही उन्होंने अपने अंदाज में कहा- क्यों किशोर नाम है न? फिर बोले- दिल देखी है मैंने और मुझे ऐसा लगता है कि मुझे आपको ही कॉपी करनी पड़ेगी। अब कितनी फिल्में हैं तुम्हारे पास?’

किशोर भानुशाली ने आगे कहा था, ‘मैंने बताया करीब 8-10 फिल्में होंगी तो देव आनंद साहब बोले कि मेरे पास दो ही फिल्में हैं। मुझे कुछ फिल्में दिलाओ। वो उस दिन बड़े मजाक के मूड में थे।’

देव आनंद ने अपने करियर की शुरुआत फिल्म ‘हम एक हैं’ से की थी। बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड के भी उन्होंने हिंदी सिनेमा जगत में बड़ा नाम कमाया। पहली फिल्म मिलने का किस्सा देव आनंद ने एक इंटरव्यू में सुनाया था। उन्होंने बताया था, ‘इसके लिए मुझे 1945 में जाना पड़ेगा। मुझे किसी ने कहा कि किसी जगह दफ्तर में एक साहब हैं जो फिल्म बनाने की तैयारी कर रहे हैं। वो प्रोड्यूसर हैं, उन्हें एक लड़का चाहिए।’

उन्होंने आगे कहा था, ‘मैंने अपना ओवरकोट पकड़ा, उन दिनों बरसात हो रही थी। मैं ट्रेन से निकला और चन्नी रोड पर उतरा। वहां से मैं उस दफ्तर की तरफ गया और जाकर वहां के चौकीदार से साथ बैठ गया। मैंने उससे कहा कि फिल्म बनाने वाले से मिलना है तो कहने लगा कि तुम उनसे नहीं मिल सकते।’

चौकीदार ने तो देव आनंद को वहां से जाने के लिए कह दिया लेकिन तभी वो आदमी आ गए जिनसे देव आनंद मिलना चाहते थे। वो आदमी राजकुमार संतोषी के पिता पीएल संतोषी थे। उन्होंने देव आनंद से मुलाकात की और उन्हें फिल्म ऑफर कर दी थी। इस तरह देव आनंद को पहली फिल्म मिली और वो हर नए दिन के साथ नई सफलता को छूते चले गए।