मुझे लगा मुझे पीटा जाएगा- जेनिफर केंडल को घर ले जाने से डर रहे थे शशि कपूर, राज कपूर और शम्मी कपूर का कुछ ऐसा था रवैया

शशि कपूर, जेनिफर केंडल को अपने साथ घर ले जाने से डर रहे थे। ऐसे में उनके भाई शम्मी कपूर और उनकी पत्नी गीता बालनी ने उनका साथ दिया।

बॉलीवुड के मशहूर एक्टर शशि कपूर ने अपनी फिल्मों और अपने अंदाज से हिंदी सिनेमा में जबरदस्त पहचान बनाई है। ‘धर्मपुत्र’ से हिंदी सिनेमा में कदम रखने वाले शशि कपूर की मुलाकात 1956 में थिएटर कलाकार जेनिफर केंडल से हुई थी। पहली मुलाकात में ही शशि कपूर उन्हें अपना दिल दे बैठे थे और साल 1958 में दोनों ने शादी भी कर ली थी। लेकिन एक वक्त ऐसा भी था, जब शशि कपूर जेनिफर केंडल को अपने साथ घर ले जाने से भी डर रहे थे। उन्हें लग रहा था कि कहीं घर पर उनकी पिटाई न कर दी जाए।

इस बात का खुलासा खुद शशि कपूर ने अपनी ऑटोबायोग्राफी ‘शशि कपूर: द हाउस होल्डर’ में किया था। एक्टर ने अपनी किताब में बताया था कि कैसे उनके बड़े भाई शम्मी कपूर और उनकी पत्नी गीता बाली ने उनकी मदद की थी। इसके साथ ही उन्होंने राज कपूर और कृष्णा राज के रिएक्शन का भी जिक्र किया था।

शशि कपूर ने अपनी बायोग्राफी में बताया कि जैसे ही शम्मी कपूर और गीता बाली को उनके और जेनिफर केंडल के बारे में पता चला तो उन्होंने उनसे मिलने की इच्छा जताई। दूसरी ओर राज कपूर और कृष्णा राज ने भी शशि कपूर से जेनिफर को घर लाने के लिए कहा। लेकिन एक्ट्रेस को परिवार से मिलाने से पहले वह काफी घबरा रहे थे।

शशि कपूर ने इस बारे में कहा था, “मैं घर ले जाने के फैसले से पीछे हट गया था, क्योंकि मुझे लगा कि कहीं मुझे वहां पीटा न जाए। ऐसे में जेनिफर को पहले अपने साथ शम्मी कपूर के घर ले गया, जहां गीता भाभी को जेनिफर काफी ज्यादा पसंद आईं। इसके बाद उन्होंने हमें अपनी कार और कुछ पैसे दिये, जिससे हम ड्राइव पर जाकर कुछ खा सकें।”

बता दें कि जेनिफर केंडल से मुलाकात के वक्त शशि कपूर की उम्र मात्र 18 साल थी, लेकिन वह उनसे शादी करना चाहते थे। हालांकि जिस वक्त उन्होंने यह बात अपने परिवार से जाहिर की तो उनका कहना था, “18 की उम्र बहुत ज्यादा ही छोटी है।” ऐसे में एक्टर ने दो साल रुकने का फैसला किया और 20 वर्ष की उम्र में जेनिफर केंडल से शादी करनी चाही।