मेरा काम टैक्स देना, मदद की जिम्मेदारी सरकारों की- कोरोना महामारी को लेकर केंद्र सरकार पर भड़के कुमार विश्वास

कुमार विश्वास कोविड महामारी में लोगों की मदद कर रहे हैं, इसी बीच केंद्र क नरेंद्र मोदी सरकार को उन्होंने आड़े हाथों लिया है। उनका कहना है कि लोगों की मदद करना उनका काम नहीं था बल्कि निर्वाचित सरकारों का था।

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कुमार विश्वास कोरोना महामारी के दौरान कई और लोगों की तरह सोशल मीडिया के जरिए लोगों की मदद कर रहे हैं। वो गांवों में सैनिटाइजर, मास्क, जरूरी दवाएं आदि पहुंचा रहे हैं और ग्रामीणों को जागरूक भी कर रहे हैं। लेकिन इस बीच केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर उनका गुस्सा भी फूटा है। उनका कहना है कि लोगों की मदद करना उनका काम नहीं था बल्कि निर्वाचित सरकारों का था। उनका काम केवल टैक्स देना था और कविता करना था लेकिन सरकार की नाकामी के कारण उन्हें अपने लोगों को खुद बचाना पड़ रहा है।

रिपब्लिक टीवी के डिबेट शो, ‘पूछता है भारत’ पर शो के एंकर ऐश्वर्या कपूर ने उनसे पूछा कि गांव महामारी फैल रही है जिसको बचाने की जिम्मेदारी हमारी आपकी ही है न। उनकी इस बात पर टोकते हुए कुमार विश्वास ने कहा, ‘नहीं, नहीं, ये मेरी जिम्मेदारी नहीं थी, आपकी जिम्मेदारी नहीं थी। आपका काम न्यूज बनाना था, मेरा काम कविता लिखना था। मेरा आपका केवल एक काम है- टैक्स देना।’

उन्होंने आगे कहा, ‘टैक्स के बाद सारा काम निर्वाचित सरकारों के हैं। मेरा बूथ सबसे मजबूत कहने वाले लोग और एक- एक जगह पर पोलिंग एजेंट बिठाकर एक- एक वोट पर लड़ पड़ने वाले लोग कहां चले गए? वो क्यों नहीं अपने लोगों से कहते हैं कि एक भी गली में कोरोना पीड़ित नहीं होना चाहिए। हम दुर्भाग्यशाली हैं कि हमारा अभिभावक भाग गया है।’

कुमार विश्वास यही नहीं रुके। वो बोले, ‘चलते हुए युद्ध में सेनापति की आलोचना करने से युद्ध नहीं जीता जाता। इसलिए मैं ये नहीं कह रहा कि मेरे सेनापति ने खराब व्यूह रचनाएं की, मेरे सेनापति एक- दूसरे पर ऑक्सीजन का संकट डालते रहे, मेरे सेनापति ने दवाई नहीं दी, मुझे तो मेरे लोग बचाने हैं।’

आपको बता दें कि भारत में अभी हर रोज साढ़े तीन लाख के करीब कोरोना के नए मामले दर्ज हो रहे हैं। हालांकि अब कई राज्यों में संक्रमण दर में गिरावट देखने को मिल रही है। वैक्सीनेशन कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है लेकिन वैक्सीन कम होने की वजह से इसकी गति भी धीमी है जिसे लेकर भी केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार कटघरे में है।