मेरा वीजा कब खत्म हो रहा है? बीमारी के दिनों में डॉक्टर से ऐसे सवाल करते थे राजेश खन्ना, ज्योतिषी से भी लेते थे सलाह

काका अक्सर अपने डॉक्टरों से पूछा करते थे ‘मेरा वीजा कब खत्म हो रहा है?’ इस दौरान उनके चेहरे पर एक दुखभरी मुस्कान पसर जाया करती थी।

Rajesh Khanna On His Arrogance, Rajesh Khanna, सुपपस्टार राजेश खन्ना (फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस)

हिंदी सिनेमा में 70 और 80 का दशक राजेश खन्ना के नाम रहा। अपने प्रशंसकों के बीच ‘काका’ के नाम से चर्चित राजेश खन्ना को जितनी शोहरत मिली, उतनी शायद किसी दूसरे स्टार को नसीब नहीं हुई। उस दौर में राजेश खन्ना के बंगले ‘आशीर्वाद’ के आगे हजारों की तादाद में देश के कोने-कोने से आए प्रशंसक उनकी एक झलक पाने के लिए दिनभर खड़े रहते थे। बाद में जब राजेश खन्ना का स्टारडम ढलान पर आया तो वो बिल्कुल अकेले पड़ गए।

राजेश खन्ना की निजी जिंदगी में तमाम मुश्किलें तो आई हीं, करियर के फ्रंट पर भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उनका स्वास्थ्य भी खराब रहने लगा था। साल 2011 में राजेश खन्ना की तबीयत अचानक काफी ज्यादा खराब हो गई और वह बिस्तर पर चले गए थे। काफी कमजोर भी हो गए थे। चर्चित लेखक और वरिष्ठ पत्रकार यासिर उस्मान राजेश खन्ना की जीवनी में लिखते हैं कि, ‘राजेश खन्ना ने पूरी उम्र शराब पी लेकिन इस मुकाम पर आकर उन्होंने शराब छोड़ दी थी। उनका लीवर लगभग खत्म हो गया था।

बीमारी की बात सुन खामोश हो गए थे काका: जांच-पड़ताल के बाद डॉक्टरों ने बताया था कि उन्हें कैंसर हो गया है। उस्मान लिखते हैं कि जब मुंबई के लीलावती हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने काका को बताया कि उनका कैंसर एडवांस स्टेज पर है तो वह कुछ पल के लिए खामोश हो गए। काका इस सच को स्वीकार नहीं कर पा रहे थे। थोड़ी देर बाद अपने आप को संभालते हुए बोले, ‘मेरी किस्मत में ”आनंद” की ही तरह जीना लिखा है।’

नहीं छोड़ी थी उम्मीद: राजेश खन्ना के करीबी दोस्तों में भरत उपमन्यु भी शामिल थे, जो ज्योतिषी थे। काका हर छोटा बड़ा फैसला उनसे पूछ कर ही लेते थे। बकौल उपमन्यु, जब राजेश खन्ना को कैंसर का पता चला तो लंबे समय तक उन्हें उम्मीद थी कि ठीक हो जाएंगे। कुछ ना कुछ चमत्कार जरूर होगा, लेकिन धीरे-धीरे उन्हें अंदाजा हो गया कि आखिरी वक्त करीब आ गया है।

‘मेरा वीजा कब खत्म हो रहा है?’ यासिर उस्मान अपनी किताब में राजेश खन्ना के एक और दोस्त नरेश जुनेजा के हवाले से लिखते हैं कि काका अक्सर अपने डॉक्टरों से पूछा करते थे ‘मेरा वीजा कब खत्म हो रहा है?’ इस दौरान उनके चेहरे पर एक दुखभरी मुस्कान पसर जाया करती थी। 18 जुलाई 2012 को राजेश खन्ना का निधन हो गया था।