मेरे बाद आरव इंडस्ट्री का दूसरा सुपरस्टार होगा- अक्षय कुमार के बेटे को लेकर बोल पड़े थे राजेश खन्ना

राजेश खन्ना से जब पूछा गया था कि उनके बाद इंडस्ट्री का दूसरा सुपरस्टार कौन होगा तो उन्होंने अपने नवासे आरव यानी अक्षय कुमार के बेटे का नाम लिया था। इसकी वजह बताते हुए उन्होंने कहा था कि आरव में डिंपल कपाड़िया और उनका कुछ अंश तो होगा ही।

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राजेश खन्ना ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का पहला सुपरस्टार होने का तमगा हासिल किया। उनके जैसी लोकप्रियता, लोगों में दीवानगी आज तक किसी भी कलाकार को नसीब नहीं हुई। राजेश खन्ना एक करिश्माई अभिनेता थे जो लोगों को अपनी ओर खींचते थे। आज सोशल मीडिया के जमाने भी उन जैसा दूसरा सुपरस्टार नहीं हुआ। जब एक बार राजेश खन्ना से पूछा गया था कि उनके बाद इंडस्ट्री का दूसरा सुपरस्टार कौन होगा तो उन्होंने अपने नवासे आरव यानी अक्षय कुमार के बेटे का नाम लिया था।

राजेश खन्ना ने इसके पीछे की वजह भी बताई थी। लेहरन नामक मीडिया प्लेटफॉर्म से बातचीत में उन्होंने कहा था कि आरव में डिंपल कपाड़िया और उनका कुछ अंश तो होगा ही, साथ ही अक्षय कुमार और बेटी ट्विंकल खन्ना का भी अंश है इसलिए आरव में वो सभी गुण मौजूद हैं जो एक सुपरस्टार में होने चाहिए।

उन्होंने कहा था, ‘मेरा ग्रैंडसन दूसरा सुपरस्टार हो सकता है, इसलिए नहीं कि वो मेरा नवासा है और मेरी बेटी का बेटा है लेकिन डिंपल जी का उसने कुछ तो लिया होगा। कुछ तो अक्षय का भी लिया होगा, जो एक फैमिली ट्री होती है। कुछ ट्विंकल का भी लिया होगा और रहा मैं तो कुछ तो मेरा भी लिया होगा न।’

राजेश खन्ना ने आगे कहा था, ‘अगर मैं सुपरस्टार रहा हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के इतिहास में..जब भी सुनहरे लफ्जों में राजेश खन्ना का नाम लिखा जाएगा तो मुझे लगता है कि आरव अगला सुपरस्टार होगा।’

राजेश खन्ना ने अपने स्टारडम के दिनों को बहुत जीया। लड़कियां उनके पीछे पागल हुआ करती थीं। राजेश खन्ना के जीवन पर बहुचर्चित किताब ‘राजेश खन्ना: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ इंडियाज फर्स्ट सुपरस्टार’ में लेखक यासिर उस्मान ने बताया था, ‘बंगाल में एक बुजुर्ग महिला थीं। उनसे मैंने पूछा कि राजेश खन्ना क्या थे आपके लिए? उन्होंने कहा कि आप नहीं समझेंगे। जब हम उनकी फिल्म देखने जाते थे तो हमारी और उनकी बकायदा डेट हुआ करती थी।’

यासिर उस्मान से महिला ने आगे कहा था, ‘हम मेकअप करके, ब्यूटी पार्लर जाकर, अच्छे कपड़े पहनकर जाते थे और हमें लगता था कि वो जो पर्दे की तरफ से पलके झपका रहे हैं या सिर झटक रहे हैं या मुस्कुरा रहे हैं वो सिर्फ हमारे लिए कर रहे हैं।’

राजेश खन्ना ने अपने स्टारडम को जितना जीया, आखिरी दिनों में वो बिलकुल अकेले पड़ गए थे। एकाध लोग ही उनके करीब थे। अपनों की अनदेखी ने उन्हें चिड़चिड़ा भी बना दिया था। जिस तेजी से उनका सूरज निकला, उसी नाटकीय ढंग से डूब भी गया। आखिरकार 18 जुलाई 2012 को उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।