मोदी सरकार का दावा- कृषि कानून फायदेमंद, पर बोले टिकैत- PM को गांव की हकीकत पता ही नहीं है, कैसे होंगे फायदेमंद?

टिकैत का कहना था कि जब बीजेपी विपक्ष में थी तो किसानों के साथ थी। अब वो सरकार में है, लेकिन किसान तो अभी तक अपनी लड़ाई ही लड़ रहा है।

Rakesh Tikait, Farmer Protest, Indian Government

मोदी सरकार लगातार दावा कर रही है कि कृषि कानून किसानों के फायदे के लिए बनाए गए हैं, लेकिन किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी को गांव की हकीकत नहीं पता है। वो कैसे कह सकते हैं कि ये कानून किसान को फायदा पहुंचाएंगे। उनका कहना था कि जब बीजेपी विपक्ष में थी तो किसानों के साथ थी। अब वो सरकार में है, लेकिन किसान तो अभी तक अपनी लड़ाई ही लड़ रहा है।

टिकैत ने कहा कि जब मोदी गुजरात के सीएम थे तो एमएसपी को कानून बनाने की वकालत करते थे। कमेटी के अध्यक्ष के तौर पर उन्होंने मनमोहन सरकार से इस बात की पैरवी भी की थी, लेकिन अब उनका रुख बिलकुल पलट गया है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सरकार व्यापारी का फायदा देख रही है। राहुल गांधी के किसान आंदोलन पर दिए बयान पर टिकैत ने कहा कि वह बिलकुल सही कह रहे हैं। इन कानूनों से किसान तबाह हो जाएगा।

किसान नेता ने कहा कि बीजेपी के पास अब कुछ नहीं बचा है। पहले ये कहते थे कि ये आंदोलन पंजाब का है, फिर जाटों की बात करने लगे। अब सरकार पाकिस्तान और चीन के संबंध आंदोलन से जोड़ने लगी है। उनका कहना था कि जब तक बातचीत नहीं होगी, समस्या का समाधान नहीं निकलेगा। टिकैत ने कहा कि मजबूत विपक्ष सफल लोकतंत्र की निशानी होता है, लेकिन भारत में अभी यह कमजोर है। इसी वजह से किसानों को आंदोलन करना पड़ रहा है। फसलों को जलाने संबंधी बयान पर उनका कहना था कि उनका आशय यह था कि किसान वापस नहीं जाएगा, चाहें दो-एक फसल खराब हो जाएं।

टिकैत ने कहा कि आंदोलन कमजोर नहीं होने जा रहा। पुलिस की कार्रवाई से गांवों में लोग डरे तो हैं, लेकिन वो फिर से आंदोलन की तरफ आने लगे हैं। उनका कहना था कि जेल जाना आंदोलन का हिस्सा है। एक सवाल के जवाब पर उनका कहना था कि इस लड़ाई में किसान जीतेगा। हम सरकार को भूख का व्यापार नहीं कर देंगे। आम जनता हमारे साथ है। खुद के पाला बदलने के सवाल पर उनका कहना था कि वह खेत में काम करते हैं। पाला बदलकर कहां जाएंगे। उनका कहना था कि उन्होंने चुनाव लड़ा इसमें क्या गलत है। अपने आंसुओं पर टिकैत ने कहा कि तब पुलिस के पीछे सरकार के गुंडे किसानों पर हमला कर रहे थे। उनका कहना है कि आंसू दिल का दर्द था।

किसानों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बातचीत का प्रस्ताव दिए जाने पर टिकैत ने कहा कि सरकार की अगर कोई मजबूरी है, तो वह उन्हें बताए। वह भारत सरकार का सिर नहीं झुकने देंगे। टिकैत ने कहा कि सरकार उन्हें अपनी मजबूरी बताए और बात करें। उन्होंने कहा, “जो हमारे मुद्दे हैं, उनपर भारत सरकार बातचीत करे। उनकी कोई मजबूरी है तो वह हमसे साझा करे। हम भारत सरकार का भी सम्मान रखेंगे।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर्वदलीय बैठक में कहा कि ‘किसान नेताओं के साथ बैठक में कृषि मंत्री ने जो सबसे बड़ा प्रस्ताव दिया था, वो आज भी कायम है। मोदी ने साफ कर दिया कि किसानों के लिए सरकार से बातचीत के दरवाजे अब भी खुले हैं और वे जब चाहें सरकार से बात कर सकते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि बातचीत से समाधान निकाला जा सकता है।