म्यांमार की अदालत ने पूर्व PM आंग सान सू की को सुनाई तीन साल की सजा, अन्य आरोपों पर होगी 190 साल की जेल!

हाइलाइट्स

आंग सान सू की और सीन टर्नेल को गोपनीयता अधिनियम के उल्लंघन पर तीन साल की सजा
76 वर्षीय नोबेल पुरस्कार विजेता को मतदाता धोखाधड़ी सहित कई आपराधिक मामले दर्ज हैं
देश में तख्तापलट में 1,800 लोग मारे गए थे वहीं दस हजार से अधिक को हिरासत में लिया गया

नाएप्यीडॉ. सैन्य शासित म्यांमार की एक अदालत ने गुरुवार को पिछले एक साल से नजरबंद की गईं नेता आंग सान सू की (Aung San Suu Kyi) और उनके पूर्व ऑस्ट्रेलियाई आर्थिक सलाहकार सीन टर्नेल को तीन साल जेल की सजा सुनाई है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार आंग सान सू की और सीन टर्नेल पर आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया था. हालांकि दोनों ने खुद को दोषी न ठहराए जाने का अनुरोध किया था.

रिपोर्ट में कहा गया है कि सू की और उनकी आर्थिक टीम के कई सदस्यों को एक ही अपराध के लिए दोषी ठहराया गया था, जिसमें अधिकतम 14 साल की सजा का प्रावधान है. देश में हुए तख्तापलट में सेना द्वारा सत्ता पर कब्जा करने के बाद प्रधानमंत्री रही आंग सान सू की समेत हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें राजनेता, सांसद, नौकरशाह, छात्र और पत्रकार शामिल हैं.

11 साल की पहले ही मिल चुकी है सजा
76 वर्षीय नोबेल पुरस्कार विजेता को मतदाता धोखाधड़ी सहित कई आपराधिक अपराधों में पहले सेना द्वारा संचालित कोर्ट ने 11 वर्षों की सजा सुनाई थी. सू की पर अभी भी 10 अन्य भ्रष्टाचार के आरोप हैं, जिनमें से प्रत्येक में अधिकतम 15 साल की सजा हो सकती है. साथ ही चुनावी धोखाधड़ी और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम का उल्लंघन करने के आरोप हैं. उनके समर्थकों का कहना है कि म्यांमार में लोकतंत्र की प्रतीक मानी जाने वाली सू की को आजीवन कारावास की सजा दिलाने के लिए जुंता शासन ने आरोपों को तूल दिया है.

अगर सभी आरोपों में उन्हें दोषी ठहराया जाता है, तो सू की को 190 साल से अधिक की जेल की सजा का सामना करना पड़ेगा. असिस्टेंस एसोसिएशन फॉर पॉलिटिकल प्रिजनर्स (बर्मा) के अनुसार देश में हुए तख्तापलट के दौरान, भड़के असंतोष पर सेना की कार्रवाई में लगभग 1,800 लोग मारे गए थे वहीं दस हजार से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया.

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