यमुना एक्सप्रेस-वे पर सफर करने के लिए अब इस एप की जरुरत, जानें नया नियम

Highway Saathi App: एप के यमुना एक्सप्रेस वे के सर्वर से कनेक्ट होने के चलते एक्सीडेंटल वाहन को आसानी से ट्रैक किया जा सकता है। ऐसे में अगर समय पर चोटिल यात्रियों मेडिकल मदद मिलेगी तो मौत की दर में भी कमी आएगी।

Josh

Highway Saathi App: यमुना एक्सप्रेस-वे पर सफर करने के लिए नया नियम लागू कर दिया गया है। दिल्ली और आगरा को जोड़ने वाले इस एक्सप्रेस पर सफर करने वाले यात्रियों को अब अपने स्मार्टफोन में हाईवे साथी (Highway Saathi App) रखना होगा। अगर यह एप मोबाइल पर नहीं होगा तो आप इस हाइवे का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।

दरअसल इस एक्सप्रेस-वे सड़कों हादसों पर के दौरान इस एप का खासा इस्तेमाल होगा। इस हाइवे पर तेज रफ्तार होने की वजह से बड़ी संख्या में दुर्घटनाएं होती हैं। एप को इंस्टॉल करने के बाद इसका सर्वस यमुना एक्सप्रेस वे के सर्वर से जुड़ जाएगा।

इसके बाद यमुना एक्सप्रेस वे के अधिकारियों द्वारा कार की मूवमेंट की जानकारी रखी जाएगी। अगर कोई हादसा होता है तो दुर्घटना स्थल पर तुरंत मेडिकल सहायता पहुंचाए जाएगी।

दरअसल इस एप के यमुना एक्सप्रेस वे के सर्वर से कनेक्ट होने के चलते एक्सीडेंटल वाहन को आसानी से ट्रैक किया जा सकता है। ऐसे में अगर समय पर चोटिल यात्रियों मेडिकल मदद मिलेगी तो मौत की दर में भी कमी आएगी।

फास्टैग अनिवार्य: फास्टैग 15 फरवरी से पूरे देश में अनिवार्य हो गया है। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने देशभर के टोल प्लाजा पर निकासी के लिए फास्टैग की व्यवस्था को लागू किया है।

टोल टैक्स वसूली को आसान बनाने के लिए इस्तेमाल हो रहे फास्टैग टेक्नॉलजी में एक रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन टैग है। इसी के जरिए टोल प्लाजा पर डिजिटल टोल कटौती होती है।