‘यह मूर्खतापूर्ण है,’ ऋषभ पंत के मामले में सुनील गावस्कर और संजय मांजरेकर ने अंग्रेज अंपायरों को लताड़ा

ऋषभ पंत को लेकर अंपायरों के इस फैसले के बाद फिर यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या आईसीसी को फिर से तटस्थ अंपायरों का इस्तेमाल करना चाहिए। कोविड-19 के दौरान यात्रा प्रतिबंधों के कारण आईसीसी ने घरेलू अंपायरों के इस्तेमाल की मंजूरी दी है।

Sunil Gavaskar Sanjay Manjrekar Rishabh Pant ENG vs IND सुनील गास्वकर और संजय मांजरेकर। (सोर्स- फाइल फोटो)

महान सुनील गावस्कर इस बात से हैरान हैं कि इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट के दौरान ऋषभ पंत के क्रीज से बाहर खड़े होने के ‘स्टांस’ पर इंग्लैंड के अंपायरों ने आपत्ति क्यों जताई। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान को लगता है कि नियम ऋषभ पंत को ऐसा करने से रोकते नहीं हैं।

हेडिंग्ले में पहले दिन का खेल समाप्त होने के बाद, भारतीय विकेटकीपर ने बताया था कि अंपायर ने उन्हें अपना स्टांस बदलने के लिए कहा था। पंत ने खुलासा किया था कि उन्हें अंपायर के कहने पर अपना ‘स्टांस’ बदलना पड़ा, क्योंकि स्विंग से निपटने के लिए क्रीज के बाहर खड़े होने से पिच के ‘डेंजर एरिया’ (स्टंप के सीध में पिच का क्षेत्र) में पांवों के निशान बन रहे थे।

हालांकि, गावस्कर ने कहा कि पिच पर जूते से बनने वाले निशान किसी बल्लेबाज के ‘स्टांस’ का निर्धारण नहीं करते। इस पूर्व महान बल्लेबाज ने मैच के तीसरे दिन शुक्रवार को कमेंट्री के दौरान कहा, ‘अगर यह सच है तो मैं सोच रहा था कि उसे अपना ‘स्टांस’ बदलने के लिए क्यों कहा गया। मैंने इस बारे में केवल पढ़ा है। बल्लेबाज पिच पर कहीं भी खड़ा हो सकता है, यहां तक कि पिच के बीच में भी। बल्लेबाज कई बार स्पिनर्स के खिलाफ आगे निकल कर खेलते है (पैरों के निशान तब भी बन सकते हैं)।’

उनके साथी कमेंटेटर और भारत के पूर्व खिलाड़ी संजय मांजरेकर ने इसे ‘मूर्खतापूर्ण’ करार दिया। मैच के पहले दिन भारतीय पारी 78 रन पर सिमट गई थी। पंत ने दिन के खेल के बाद इस वाकये का जिक्र किया था। उन्होंने कहा, ‘मैं क्रीज के बाहर खड़ा था और मेरा अगला पांव ‘डेंजर एरिया’ में आ रहा था, इसलिए उन्होंने (अंपायर) मुझसे कहा कि मैं यहां पर खड़ा नहीं हो सकता हूं।’

बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा, ‘इसलिए मुझे अपना स्टांस बदलना पड़ा लेकिन एक क्रिकेटर होने के नाते मैं इस बारे में अधिक नहीं सोचता क्योंकि जो भी ऐसा करता, अंपायर उससे भी वही बात करते। मैंने अगली गेंद पर वैसा नहीं किया।’

अंपायरों के इस फैसले के बाद फिर यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) को फिर से तटस्थ अंपायरों का इस्तेमाल करना चाहिए। कोविड-19 के दौरान यात्रा प्रतिबंधों के कारण आईसीसी ने घरेलू अंपायरों के इस्तेमाल की मंजूरी दी है।