युवराज और हरभजन ने लगाई थी सौरव गांगुली की ‘क्लास,’ टीम इंडिया के पूर्व कप्तान की बंद थी बोलती; इरफान पठान ने सुनाया था किस्सा

सौरव गांगुली जब भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान थे, उस दौरान युवराज सिंह और हरभजन सिंह ने उनकी ‘क्लास’ लगाई थी। इरफान पठान ने ‘कलर्स टीवी’ पर आने वाले एपिसोड ‘एंटरटेनमेंट की रात’ में युवी और भज्जी की ‘पोल’ खोली थी।

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सौरव गांगुली जब भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान थे, उस दौरान युवराज सिंह और हरभजन सिंह ने उनकी ‘क्लास’ लगाई थी। इरफान पठान ने ‘कलर्स टीवी’ पर आने वाले एपिसोड ‘एंटरटेनमेंट की रात’ में युवी और भज्जी की ‘पोल’ खोली थी। शो में इरफान पठान के बड़े भाई और क्रिकेटर यूसुफ पठान भी मौजूद थे। शो के एंकर बलराज स्याल (Balraj Syal) ने इरफान से पूछा था, ‘आपके समय टीम इंडिया में सबसे बड़ा प्रैंकस्टर (Prankster) कौन था?’

इस पर इरफान पठान ने कहा था, ‘हरभजन सिंह और युवराज सिंह। इन दोनों से बड़े प्रैक्सटर्स कोई नहीं थे। इन दोनों ने दादा (सौरव गांगुली) को बहुत परेशान किया था। एक बार कुछ मीडिया वालों के नाम पर फोन किया कि दादा बच्चों (टीम के युवा खिलाड़ी) से बदतमीजी कर रहे हैं या उन्हें डरा कर रख रहे हैं। ऐसी कुछ स्टोरी बनाई थी। इन दोनों ने बाकायदा न्यूज पेपर (समाचार पत्र) बनाया था।’ बलराज ने पूछा, ‘क्या प्रिंट कराया था, अपनी तरफ से?’ इरफान ने कहा, ‘हां, बाकायदा और एक कॉपी को दादा के रूम में भिजवाया था।’

इरफान ने बताया, ‘फिर क्या था, पेपर में न्यूज देखकर दादा परेशान हो गए। थोड़ी देर बात ये दोनों भी पहुंच गए। ये दोनों दादा से झगड़ा करने लगे। दादा से पूछा कि आपने ऐसा कैसे बयान दे दिया आपने, यह क्या बात चल रहा है न्यूज पेपर में, यह क्या हो रहा है? दोनों ने दादा की पूरी क्लास लगाई। दादा की बोलती बंद थी।’

इरफान ने कहा, ‘सोचो दादा कप्तान, लेकिन वह चुप थे। सोचो कप्तान को ये लोग नहीं छोड़ रहे हैं। इंडियन क्रिकेट टीम का कप्तान ‘बेचारा’ बना था। इन दोनों ने करीब दो घंटे तक दादा को परेशान किया। वैसे इन लोगों ने इस तरह की हरकत कोई एक बार नहीं की, बल्कि ऐसा कई बार किया था। बहुत सारी चीजें हैं।’

बलराज ने हंसते हुए पूछा, ‘उस घटना के बाद मैच में ड्रॉप हुए थे कि नहीं?’ इरफान ने कहा, ‘वास्तव में दादा ने उनको बड़ा सपोर्ट किया है। ये जितने भी बड़े अच्छे-अच्छे प्लेयर्स कंट्री को मिले, दादा ने वास्तव में जिस तरह से कप्तानी की है, जिस तरह से युवा क्रिकेटर्स को सपोर्ट किया है, उससे अपने मुल्क को बहुत प्लेयर मिले हैं।’