यूएन भाषण में नरेंद्र मोदी ने नहीं लिया पाकिस्तान, चीन का नाम तो बीजेपी सांसद ने पूछा- भला नाम लेने में शर्म कैसी?

संयुक्त राष्ट्र महासभा में पीएम मोदी ने नाम लिए बिना चीन और पाकिस्तान को खूब खरी-खोटी सुनाई। लेकिन उनके भाषण को लेकर उनकी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि, आखिर नाम लेने में कैसा शर्म?

Narendra Modi, Subramaniam Swamy, India News प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और BJP सांसद सुब्रमण्यम स्वामी। (फाइल फोटो)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र में चीन और पाकिस्तान को निशाने पर लिया। हालांकि इन देशों का नाम लिए बिना ही पीएम मोदी ने आंतकवाद और विस्तारवाद को लेकर जमकर हमला बोला। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने एक ट्वीट से पीएम मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि आखिर नाम लेने में शर्म कैसी?

दरअसल पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र में इशारों-इशारों में चीन, पाकिस्तान को तो घेरा लेकिन उनका नाम लेने से बचे। इसी को लेकर सुब्रमण्यम स्वामी का कहना है कि बड़े मंच से इन देशों का नाम लेने में शर्म कैसी? वैसे यह पहला मौका नहीं है कि जब सुब्रमण्यम स्वामी ने केंद्र सरकार या पीएम मोदी पर निशाना साधा हो। इससे पहले भी वो तमाम मुद्दों को लेकर मोदी सरकार पर ट्वीट करते रहे हैं।

बता दें कि पीएम ने महासभा में अफगानिस्तान का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि, किसी भी के खिलाफ अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।

पीएम मोदी ने आतंकवाद और अफगानिस्तान को लेकर पाकिस्तान को सख्त संदेश देते हुए कहा कि जो देश आतंकवाद को राजनीतिक हथियार समझकर इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें ये बात समझनी होगा कि आतंकवाद किसी के लिए अच्छा नहीं है, यह खुद उनके लिए भी उतना ही बड़ा खतरा है।

पीएम मोदी ने कहा कि, हमें इस बात के लिए भी सतर्क रहना होगा कि अफगानिस्तान में हालात नाजुक हैं, कोई देश अपने स्वार्थ के लिए इसे एक टूल की तरह इस्तेमाल ना करें। इस समय अफगानिस्तान के लोगों को मदद की जरूरत है, इसमें हमें अपना दायित्व निभाना ही होगा। अपने 20 मिनट के हिंदी में दिए भाषण में पीएम मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से आह्वान किया कि अफगानिस्तान की महिलाओं, बच्चों और अल्पसंख्यकों की मदद की जाए।

बता दें कि हिंद-प्रशांत में चीन के बढ़ते प्रभाव पर नाम लिए बिना पीएम मोदी ने निशाना साधते हुए इस बार पर भी जोर डाला कि, महासागरों को “विस्तार की दौड़” से बचाना होगा। दरअसल हिंद महासागर में प्रभाव को लेकर भारत और चीन के बीच काफी लंबे समय से प्रतिस्पर्धा रही है। पीएम मोदी के समुद्री सुरक्षा वाली बात को चीन से ही जोड़कर देखा जा रहा है। बीते कई सालों में देखा गया है कि चीन साउथ चाइना सी में काफी आक्रामकता के साथ अपनी गतिविधियां बढ़ा रहा है।