यूएस में स्नेहा दुबे से जबरन बाइट लेना चाहती थीं रिपोर्टर, राजनयिक ने दिखाया बाहर का रास्ता

एक ट्विटर यूजर @MJ_007Club ने लिखा कि, बाहर का रास्ता दिखाकर स्नेहा दुबे ने सही किया। सभी अधिकारी बिना अनुमति के प्रेस वार्ता नहीं कर सकते।

Anjana Om Kashyap,Sneha Dube, US, UNGA यूएस में स्नेहा दुबे से बिना परमिशन बाइट लेनी चाही तो उन्होंने रिपोर्टर को मना कर दिया और बाहर जाने के लिए कहा(फोटो सोर्स: ट्विटर/वीडियो ग्रैब)

संयुक्त राष्ट्र महासभा(UNGA) में पाकिस्तान द्वारा भारत के खिलाफ गलत बयानबाजी और कश्मीर का राग अलापने पर देश की प्रथम सचिव स्नेहा दुबे ने उसे करारा जवाब दिया था। तब से 2012 बैच की विदेश सेवा अधिकारी स्नेहा दुबे की चर्चा खूब हो रही है। ऐसे में निजी न्यूज चैनल आजतक की रिपोर्टर अंजना ओम कश्यप ने स्नेहा दुबे का रिएक्शन लेने गईं तो उन्होंने कुछ भी ना बोलते हुए उन्हें बाहर का जाने के लिए इशारा कर दिया। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

बता दें कि अंजना ओम कश्यप ने स्नेहा दुबे से कहा कि, ‘आज गर्व की बात है, जिस तरह से पाकिस्तान को दिए आपने जवाब दिया, उसके बाद आज आपको पूरा देश सुनना चाहता है। आपके लिए ये रूटीन काम हैं, लेकिन ये बड़ी चीच है।’ इसपर स्नेहा दुबे ने हाथ जोड़ते हुए कहा कि, जो हमें बोलना था, वो मैंने बोल दिया है…(और फिर विनम्रता के साथ बाहर जाने का इशारा किया)।

इसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। @divyaanshwho ने वीडियो को शेयर कर लिखआ कि, संयुक्त राष्ट्र में भारत की प्रतिनिधि स्नेहा दुबे ने अंजना ओम कश्यप को कमरे से बाहर जाने के लिए कहा क्योंकि उन्होंने बिना आधिकारिक अनुमति के कमरे में प्रवेश करके प्रोटोकॉल तोड़ा।

वहीं एक ट्विटर यूजर @MJ_007Club ने लिखा कि, बाहर का रास्ता दिखाकर स्नेहा ने सही किया। सभी अधिकारी बिना अनुमति के प्रेस वार्ता नहीं कर सकते। एक और यूजर @Puneetkathpali1 ने लिखा कि, हां, भारतीय राजनयिक अच्छी तरह प्रशिक्षित होते हैं। वे जानते हैं कि कब बयान देना है और कब चुप रहना है।

स्नेहा दुबे ने पाक को दिया था जवाब: दरअसल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा UNGA में कश्मीर का मुद्दा छेड़ा तो स्नेहा दुबे ने राइट टू रिप्लाई का इस्तेमाल करते हुए जवाब दिया कि, पाकिस्तान का इतिहास रहा है कि वो आतंकवादियों को खुला समर्थन देता आया है। पाकिस्तान ने झूठ का सहारा लेते हुए पहले की तरह इस बार भी यूएन के प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल किया है और भारत के खिलाफ गलत बयानबाजी की है।