यूपीः महंत नरेंद्र गिरी मामले में CBI की चार्जशीट, आनंद गिरी, दो अन्य पर साजिश व खुदकुशी के लिए उकसाने का आरोप

महंत नरेंद्र गिरि ने सुसाइड नोट में आनंद गिरि, आध्या तिवारी और उनके बेटे संदीप पर ब्लैकमेल और उत्पीड़न का आरोप लगाए थे। अब इस मामले में सीबीआई ने आरोप पत्र दाखिल किया है।

mahant narendra giri आरोपी आनंद गिरि (Photo- Facebook/Anand Giri)

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत मामले में सीबीआई ने शनिवार को चार्जशीट दाखिल कर दी है। इसमें उनके शिष्य आनंद गिरि और अन्य पर साजिश व खुदकुशी के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है।

आनंद गिरि, आध्या तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और आपराधिक साजिश की धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की गई है। तीनों आरोपियों के खिलाफ शनिवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रयागराज की अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया गया। कोर्ट ने चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए सुनवाई की अगली तारीख 25 नवंबर तय की है। अदालत ने तीनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत भी 25 नवंबर तक बढ़ा दी।

महंत नरेंद्र गिरि का शव 20 सितंबर को श्री मठ बाघंबरी गद्दी के एक कमरे में मिला था। शव छत से लटका हुआ था। गिरि द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट में, उन्होंने अपने शिष्य आनंद गिरि, आध्या तिवारी और उनके बेटे संदीप पर ब्लैकमेल और उत्पीड़न का आरोप लगाए थे। तब यूपी पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, आनंद गिरि ने दावा किया है कि महंत नरेंद्र गिरि ने आत्महत्या नहीं की है बल्कि उनकी हत्या कर दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि महंत गिरी की मौत के पीछे एक बड़ी साजिश है।

शुरूआत में इस मामले की जांच यूपी पुलिस ने की थी, बाद में यूपी सरकार के अनुरोध पर यह मामला सीबीआई को सौंप दिया गया। जांच के बाद अक्टूबर में, सीबीआई ने एक आवेदन दायर कर तीनों आरोपियों की पॉलीग्राफिक टेस्ट की अनुमति मांगी थी। जांच अधिकारी ने अपने आवेदन में कहा कि संदिग्ध पूछताछ के दौरान टाल-मटोल कर रहे थे और उन्होंने सहयोग नहीं किया।

हालांकि बाद में कोर्ट ने सीबीआई के इस आवेदन को खारिज कर दिया था। क्योंकि तीन संदिग्धों ने पॉलीग्राफिक टेस्ट करवाने से इनकार कर दिया था। उम्मीद की जा रही है कि सीबीआई फॉरेंसिक और अन्य जांच रिपोर्ट मिलने के बाद पूरक आरोपपत्र दाखिल करेगी।