यूपी चुनाव: चाचा शिवपाल को भतीजे संग न होने का मलाल! बोले- 2017 में अखिलेश साथ ले चलते तो तीन जगह होती सपा सरकार

योगी सरकार को लेकर शिवपाल यादव ने कहा कि, इस सरकार में सभी वर्ग के लोग परेशान हैं, और इस सरकार को हटाना चाहते हैं। उन्होंने कहा इस बार यूपी विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी 100 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी।

Akhilesh Yadav, Shivpal Yadav समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल यादव (फोटो- इंडियन एक्सप्रेस)

अगले साल की शुरुआत में उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर तमाम दल अपनी तैयारियों में लगे हुए हैं। वहीं इस बीच प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने अपने भतीजे और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को लेकर कहा कि, समाजवादी पार्टी अगर हमको साथ लेकर चलती तो 2017 में एक नहीं कम से कम तीन प्रदेशों में सपा की सरकार होती।

अलीगढ़ में गुरुवार को एक निजी कार्यक्रम में पहुंचे शिवपाल यादव ने कहा कि, 2017 में समाजवादी पार्टी विघटन की वजह से चुनाव हारी। वहीं उन्होंने कहा कि, जितनी भी समान विचारधारा वाली पार्टियां है, सबका प्रयास है कि एक साथ आकर भाजपा को सत्ता से हटाएं। उन्होंने कहा कि, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी को यादव और मुस्लिम दोनों का साथ मिल रहा है।

यूपी की योगी सरकार पर आरोप लगाते हुए शिवपाल ने कहा कि, इस सरकार में लॉ एंड ऑर्डर पूरी तरह से ध्वस्त है, और मंहगाई, भ्रष्टाचार अपने चरम सीमा पर है। सभी वर्ग के लोग इस सरकार द्वारा लिए गए फैसलों से परेशान हैं। प्रदेश की जनता इस सरकार को हटाना चाहती है। इसके अलावा शिवपाल यादव ने ‘अब्बाजान’ और ‘चचाजान’ को लेकर यूपी में हो रही राजनीति पर भी जवाब दिया।

उन्होंने कहा कि, ये सभी शब्द सम्मान सूचक हैं, इनका मजाक किसी को नहीं उड़ाना चाहिए। बता दें कि यूपी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘अब्बाजान’ शब्द से अखिलेश यादव पर निशाना साधा था। तो वहीं यूपी में ओवैसी की सक्रियता पर राकेश टिकैत ने उन्हें भाजपा का चचाजान बताया था।

मीडिया से बात करते हुए शिवपाल ने कहा कि, 2022 में होने वाले उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी 100 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। समाजवादी पार्टी व प्रगतिशील समाजवादी को लेकर शिवपाल ने कहा कि वह इन दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन को लेकर प्रयास कर रहे हैं। हालांकि शिवपाल यादव का कहना है कि वो अखिलेश यादव से मिलने के लिए पिछले डेढ़ साल से समय मांग रहे हैं, लेकिन अभी तक समय नहीं मिल पाया है।