यूपी पंचायत चुनाव मतगणना: कोविड गाइडलाइंस की उड़ी धज्जियां, लखीमपुर-धौरहरा में 5 कर्मी निकले कोराना पॉजिटिव, फिरोजाबाद में पुलिस को भांजनी पड़ी लाठी

उत्तर प्रदेश में पंचायत के चुनावों के लिए वोटों की गिनती जारी है। वहीं इस बीच लखीमपुर के धौरहरा में तीन पोलिंग एजेंट और मोहम्मदी में दो मतदान कर्मी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।

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उत्तर प्रदेश में पंचायत के चुनावों के लिए वोटों की गिनती जारी है। वहीं इस बीच लखीमपुर के धौरहरा में तीन पोलिंग एजेंट और मोहम्मदी में दो मतदान कर्मी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। घटना के चलते दोनों जगह मतगणना रोक दी गई। वहीं, प्रयागराज के विकासखंड कौड़िहार में लॉकडाउन के बावजूद प्रत्याशियों के समर्थकों की भारी भीड़ दिखाई दी। यही नहीं, संभल के आठ विकास खंडों में मतगणना केंद्र पर प्रत्याशियों और एजेंटों की भीड़ जुटी और सोशल डिस्टेंसिंग नदारद रही।

बता दें कि लखीमपुर-खीरी जिले में तय वक्त से काफी देर बाद मतगणना शुरू हो सकी। कर्मचारियों के इंतजार में प्रत्याशियों और उनके एजेंटों को इंतजार करना पड़ा। हालात ऐसे बन गए कि पुलिस को जमकर लाठीचार्ज करना पड़ा। इसके अलावा मैनपुरी में गिनती देरी से शुरू हो सकी। फिरोजाबाद के जसराना में भी एजेंटों की भीड़ को लेकर पुलिस ने जमकर लाठी भांजी। बता दें कि फतेहपुर में भी मतगणना स्थल पर कोविड प्रोटोकाल गायब रहा।

दरअसल उत्तर प्रदेश पंचायत चुनावों के लिए जारी मतगणना के बीच काउंटिग सेंटर में पोलिंग एजेंटों की भीड़ देखी गई। पोलिंग एजेंटों की रविवार को लंबी कतार देखी गई। कोरोना मामलों की भारी वृद्धि के बीच, यूपी की पंचायतों के लिए मतगणना पूरे राज्य में 829 केंद्रों पर होगी। 8.69 लाख पदों के लिए चार चरण के चुनाव के लिए मतदान गुरुवार को समाप्त हो गया था। अंतिम चरण में 75 फीसदी मतदान दर्ज किया गया।

मतगणना के दौरान पूरे राज्य में मंगलवार सुबह तक कर्फ्यू रहेगा और किसी भी तरह की जीत रैलियों की अनुमति नहीं होगी। यह कदम सुप्रीम कोर्ट द्वारा चुनाव ड्यूटी के दौरान कई शिक्षकों की मौत के बाद लिया गया है।

शीर्ष अदालत ने चुनाव आयोग से यह भी कहा है कि वह अधिकारियों पर मतगणना केंद्रों पर कोविड -19 प्रोटोकॉल के पालन की जिम्मेदारी देने के साथ-साथ मतगणना केंद्र के सीसीटीवी फुटेज भी सुरक्षित रखे जाएं।

चार स्तरों पर चुनाव हुए हैं- ग्राम पंचायत, ग्राम प्रधान, ब्लॉक पंचायत और जिला पंचायत। दिलचस्प बात यह है कि यह पहला मौका है जब सभी प्रमुख राजनीतिक दल पंचायत चुनावों के लिए खुलकर उम्मीदवारों का समर्थन कर रहे हैं।