यूपी पुलिस की FIR पर प्रियंका ने उठाए सवाल, बोलीं- 11 नामजद लोगों में 8 मेरे साथ थे ही नहीं, कपड़े देने लखनऊ से आए दो लोगों को भी बना दिया आरोपी

लखीमपुर हिंसा का मामला यूके, कनाडा तक पहुंच गया है। भारतीय मूल के सांसदों ने इस मामले में इंसाफ की गुहार लगाई है।

Priyanka Gandhi देशभर में यूपी के लखीमपुर में हुई हिंसा का मामला तूल पकड़ रहा है। इस बीच कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने यूपी पुलिस की FIR पर सवाल उठाए हैं। फोटो सोर्स- (Facebook/priyankagandhivadra)

देशभर में यूपी के लखीमपुर में हुई हिंसा का मामला तूल पकड़ रहा है। विदेशों में भी ये मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है। इस बीच कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने यूपी पुलिस की FIR पर सवाल उठाए हैं।

उन्होंने कहा है कि मैंने सोशल मीडिया पर एक पेपर देखा, जिसमें 11 लोगों का नाम लिखा गया था, जबकि मेरी गिरफ्तारी के समय इसमें से 8 लोग वहां मौजूद ही नहीं थे। FIR में उन 2 लोगों का नाम भी शामिल कर लिया गया, जो लखनऊ से 4 अक्टूबर को मेरे कपड़े लेकर आए थे।

प्रियंका ने ये भी कहा कि कि लखीमपुर खीरी जाते समय रास्ते में ही हिरासत में लिए जाने के बाद उन्हें सीतापुर पीएसी परिसर ले जाया गया, इसके बाद जिन धाराओं के तहत मुझ पर आरोप लगाया गया है, उसके बारे में मुझे नहीं बताया गया।

बता दें कि लखीमपुर हिंसा का मामला यूके, कनाडा तक पहुंच गया है। भारतीय मूल के सांसदों ने इस मामले में इंसाफ की गुहार लगाई है।

कनाडा और ब्रिटेन में भारतीय मूल के सांसदों ने 3 अक्टूबर को इस मामले में कड़ी आलोचना दर्ज कराई है।

कनाडा की लिबरल सांसद रूबी सिंह सहोटा ने ट्वीट किया कि वह भारत के लखीमपुर खीरी में किसानों के विरोध में हुई हिंसा के बारे में जानकर हतप्रभ हैं। सहोता ने पिछले साल नवंबर में कनाडा की संसद में भी किसानों के विरोध का मुद्दा उठाया था।

बता दें कि कनाडा में बड़ी संख्या में पंजाब के लोग रहते हैं और भारतीय किसानों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए यहां कई आंदोलन हुए हैं।

इससे पहले कंजर्वेटिव सांसद टिम उप्पल ने भी ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा था कि लखीमपुर खीरी में प्रदर्शन कर रहे किसानों पर खुले हमले में चार किसान मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। जो लोग इस घटना के जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

अटलांटिक के उस पार, यूके की पहली महिला सिख सांसद, प्रीत कौर गिल ने भी इस मुद्दे पर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि चार किसानों की मौत गहराई से परेशान करने वाली है। इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने मृतकों के नाम और उम्र भी ट्वीट किए।