यूपी में भाजपा का वही हाल होगा जो बंगाल में हुआ- लखीमपुर हिंसा पर भड़के बॉलीवुड एक्टर

लखीमपुर खीरी हिंसा पर बॉलीवुड एक्टर कमाल राशिद खान ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा है कि बीजेपी जिस तरह बंगाल में हारी, यूपी में भी वैसे ही हारेगी।

yogi adityanath, lakhimpur kheri, priyanka gandhi लखीमपुर खीरी हिंसा को लेकर योगी आदित्यनाथ विपक्षी दलों के निशाने पर हैं (Photo-File)

लखीमपुर खीरी हिंसा में 8 लोगों के मौत की ख़बरें हैं। मरने वालों में 4 किसान और 4 अन्य लोग हैं। इस घटना के बाद से ही स्थिति तनावपूर्ण है। प्रशासन ने पीड़ित किसानों से मिलने जा रहे प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव को भी हिरासत में ले लिया है। संयुक्त किसान मोर्चा ने आरोप लगाया है कि लखीमपुर खीरी के सांसद और गृह राज्य मंत्री अजय टेनी के बेटे ने किसानों के ऊपर गाड़ी चढ़ा दी जिस कारण उनकी मौत हुई और कई घायल हुए। इस मसले को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस तेज़ है। बॉलीवुड एक्टर कमाल राशिद खान ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा है कि बीजेपी जिस तरह बंगाल में हारी, यूपी में भी वैसे ही हारेगी।

केआरके ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से किए गए एक ट्वीट में लिखा, ‘सरकार देश के किसानों को कुत्ता बिल्ली समझ कर ज़ुल्म कर रही है। हम सब किसान पूरी शिद्दत के साथ सारे जुल्म सहेंगे और आने वाले चुनाव में सरकार को छठी का दूध याद दिला देंगे। UP में भाजपा का वही हाल होगा जो बंगाल में हुआ है।’

वहीं पत्रकार अजित अंजुम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को टैग करते हुए ट्वीट किया है, ‘आपके राज में मंत्री पुत्र का इतना दिमाग खराब हो गया कि किसानों को रौंदकर निकल गया। मंत्री ने 2 मिनट में किसानों को सबक सिखाने का ऐलान किया था। बेटे ने सीखा दिया। आप बस तमाशा देखते रहिए।’

किसानों पर गाड़ी चढ़ाने को लेकर कॉमेडियन राजीव निगम ने भी यूपी की सरकार पर निशाना साधा है। गैंगस्टर विकास दुबे वाली गाड़ी पलटने की घटना को याद करते हुए उन्होंने ट्वीट किया, ‘विकास तो देखिये इनका… गाडी पलटाने से अब गाडी चढ़ाने तक आ गए है।’ पूर्व आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने ट्वीट किया, ‘लखीमपुर उदाहरण बनेगा, अब एक किलोमीटर दूर भी किसान दिखा तो नवाबजादे ब्रेक मार कर गाड़ी रोक देंगे।’

इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब किसान यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या के लखीमपुर खीरी दौरे का विरोध कर रहे थे। किसानों ने उनके उतरने के लिए बने हेलिपैड पर भी कब्ज़ा कर लिया जिसके बाद वो सड़क मार्ग से आए। उनके आगमन पर किसानों ने काले झंडों के साथ प्रदर्शन किया। इसी दौरान ये घटना हुई जिसमें 8 लोग मारे गए।

इस पूरे मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने भी अपनी टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा है कि ये घटना दुर्भाग्यपूर्ण है जिसे दोहराया नहीं जाना चाहिए। कोर्ट की तरफ से यह भी कहा गया कि इस तरह की घटनाओं की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।