यूपी में राशन कार्ड सरेंडर या रद्द करने के संबंध में जारी नहीं हुआ कोई आदेश, सरकार ने बताया भ्रामक; जानें फिर कौन है हकदार?

विगत दो वर्षों 1 अप्रैल 2020 से अब तक कुल 29.53 लाख नए राशन कार्ड बनाए जा चुके हैं। वहीं राशन कार्ड के अपात्रता के संबंध में अक्‍टूबर 2014 के दौरान ही शर्तें और शासनादेश जारी की गई है।

Ration Card | UP Ration Card | Ration Card News राशन कार्ड को लेकर जारी हो रही भ्रामक चीजें, जानें कौन है अपात्र (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

कुछ दिनों से राशन कार्ड की पात्रता और इसको सरेंडर करने को लेकर सोशल मीडिया पर कई खबरें चल रही हैं। अब इस संबंध में यूपी सरकार ने जवाब देते हुए कहा है राशन कार्ड सरेंडर करने और रद्द करने के लिए कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। मीडिया में राशन कार्ड की पात्रता और अपात्रता को लेकर चल रही खबरें फर्जी हैं।

खाद्य व रसद विभाग के आयुक्‍त सौरभ बाबू ने एक विज्ञप्ति के माध्‍यम से जानकारी दी कि राशन कार्ड के लिए पात्रता मानक 7 अक्‍टूबर 2014 को निर्धारित किए गए गाइडलाइन के अनुसार ही हैं। इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है और पात्रता व अपात्रता के लिए कोई नवीन शर्त नहीं निर्धारित की गई है।

उन्‍होंने यह भी कहा कि राशन कार्ड की पात्रता- सरकारी योजना के अंतगर्त पक्‍का मकान, विधुत कनेक्‍शन, एक मात्र शस्‍त्र लाइसेंस, मोटरसाइकिल स्‍वामी, गौ पालक व मुर्गी पालक आदि के आधार पर तय नहीं की जा सकती हैं। साथ ही इन्‍हें इस आधार पर अपात्र भी घोषित नहीं किया जा सकता है।

Kumar Vishwas, APne-Apne Ram, Vishav Gaurav

बिस्मिल्लाह होटल के ऊपर ‘सबके राम’- पत्रकार ने राम और कुमार विश्वास की तस्वीर किया शेयर कर लिखा तो कवि ने दिया ये जवाब

Azam Khan|Azam Khan Bail|Yogi Government

दारोगा ने कहा- हो सकता है एनकाउंटर, मैं मोबाइल चलाना भी भूल गया, जेल में अकेला था, बस छत और दीवारें थीं, पढ़ें और क्‍या-क्‍या बोले आजम खान

Bibi ka Maqbara

औरंगजेब ने पहली पत्नी की याद में हमाम के सामने बनवाया था ‘बीबी का मकबरा’, आगरा के ताज महल की था “नकल”

Ind vs SA: बैट्समैन और गेंदबाज नहीं, विकेटकीपर बने चयनकर्ताओं के लिए सिरदर्द, ये खिलाड़ी रेस में

राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 2013 और प्रचलित शासनादेशों में अपात्र राशनकार्ड धारकों से वसूली जैसा कोई प्रावधान नहीं है। वहीं रिकवरी के लिए भी शासन स्‍तर से या फिर खाद्य कार्यालय से भी कोई आदेश जारी नहीं किए गए हैं। इस कारण से रिकवरी के लिए फैलाई जा रही खबरें पूरी तरह से भ्रामक और फेक हैं।

गौरतलब है कि खाद्य और रसद विभाग की ओर से पात्र व्‍यक्तियों के ही राशन कार्ड जारी किए जाते हैं। विगत दो वर्षों 1 अप्रैल 2020 से अब तक कुल 29.53 लाख नए राशन कार्ड बनाए जा चुके हैं। वहीं राशन कार्ड के अपात्रता के संबंध में अक्‍टूबर 2014 के दौरान ही शर्तें और शासनादेश जारी की गई है।

कौन नहीं है हकदार

  • नगरी व ग्रामीण क्षेत्र के लिए आयकर कर दाता।
  • परिवार में किसी के पास 4 पहिया वाहन, एसी, 5केबी या उससे अधिक क्षमता का जनरेटर, हॉरवेस्‍टर व ट्रैक्‍टर आदि हो।
  • नगरी के लिए, जिनके पास 100 वर्गमीटर में प्‍लाट व आवासीय घर और ग्रामीण के लिए परिवार में या अकेले 5 एकड़ की सिंचित भूमि हो।
  • ऐसा परिवार, जिसके पास 80 वर्गमीटर या उससे अधिक कॉर्पेट एरिया का व्‍यवसायिक स्‍थान हो।
  • वहीं ग्रामीण के लिए परिवार के समस्‍त सदस्‍यों की आय 2 लाख प्रति वर्ष या उससे अधिक हो, जबकि नगरी के लिए 3 लाख प्रति वर्ष हो।
  • ऐसे परिवार, जिनके पास एक से अधिक शस्‍त्र लाइसेंस हो।

बता दें कि उपरोक्‍त चीजें नहीं होने पर ही राशन कार्ड पात्र लोगों को जारी होते हैं और ये अपात्रता नगरी और ग्रामीण दोनों के लिए हैं। अगर आप भी राशन कार्ड के लिए अप्‍लाई करना चाहते हैं तो ये चीजें आपके पास नहीं होनी चाहिए।