यूपी में हुंकार भर रहे लेकिन यहां तो बंद का खास असर नहीं दिखा- राकेश टिकैत से बोलीं अंजना ओम कश्यप तो मिला ऐसा जवाब

राकेश टिकैत से कहा गया कि भारत बंद का यूपी पर ज्यादा ज्यादा असर नहीं दिखा। जवाब में उन्होंने कहा कि सरकार इस बंद को सफल नहीं दिखाना चाहती इसलिए यूपी की सभी दुकानों को खुला बताया गया।

rakesh tikait, bharat band, anjana om kashyap राकेश टिकैत ने भारत बंद को सफल बताया है (Photo-Indian Express/File)

कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों ने सोमवार को भारत बंद का आह्वान किया। शाम चार बजे तक चले इस भारत बंद में किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया और नरेंद्र मोदी सरकार से तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की। भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता और किसान नेता राकेश टिकैत ने बंद को लेकर कहा है कि ये सफल रहा।

आज तक के डिबेट शो ‘हल्ला बोल’ में शो की एंकर अंजना ओम कश्यप ने राकेश टिकैत से सवाल किया, ‘सबसे ज्यादा असर पंजाब और हरियाणा में दिखा। लेकिन उत्तर प्रदेश में चुनाव होने हैं और उसे लेकर लगातार आप हुंकार भर रहे हैं। वहां पर बंद का ज्यादा असर नहीं दिखा। बिहार में दिखा, झारखंड में दिखा…कई पार्टियां भी आपके साथ हैं। अब शाम होते होते क्या है आपकी रिपोर्ट? आपको लग रहा है कि सरकार पर इतना दबाव बन गया कि वो कानून वापस ले लेंगे?’

जवाब में राकेश टिकैत ने कहा, ‘अब सरकार का तो नहीं पता कि कानून वापस लेंगे या नहीं लेकिन आंदोलन तो ठीक रहा, सफल रहा। यूपी में भी 800 से ज्यादा जगह आंदोलन हुए।’

जब राकेश टिकैत से कहा गया कि यूपी में तो दुकानें खुली थीं और दफ्तर भी खुले थे तो उन्होंने जवाब दिया, ‘हां खुल रही होंगी क्योंकि सरकारों का फोकस ये रहेगा कि यूपी में आंदोलन का असर कम रहे और यही दिखाने वालों का भी फोकस रहेगा। हम बता दें कि हमने सील बंद आंदोलन नहीं किया, लोगों को राहत भी दी।’

अंजना ओम कश्यप ने राकेश टिकैत से फिर सवाल किया कि बीजेपी आरोप लगा रही है कि आंदोलन तो एक बहाना है, राकेश टिकैत का निशाना तो यूपी चुनाव है। इस आरोप के जवाब में टिकैत ने कहा , ‘ये इस मामले को चुनाव तक क्यों लेकर जा रहे हैं? हमारी बात मान लो, बातचीत शुरू करवा दो और हमारी मांगें पूरी कर दो।’

अंजना ओम कश्यप ने टिकैत से कहा कि कृषि मंत्री हमेशा बातचीत के लिए तैयार हैं तो उन्होंने जवाब दिया, ‘वो शर्त के साथ बातचीत करना चाहते हैं। वो कहते हैं कि कानून वापस नहीं होगा और बातचीत कर लो।’