यूपी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के साथ गठबंधन कर सकते हैं राजा भैया, बोले- समान विचार वालों के लिए विकल्प खुले

उत्तर प्रदेश के कुंडा से बाहुबली विधायक राजा भैया इस बार किस पार्टी के साथ जाएंगे यह स्पष्ट तो नहीं है लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि उनकी पार्टी का गठबंधन भाजपा के साथ हो सकता है।

रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया (फोटो- एक्सप्रेस By विशाल श्रीवास्तव)

उत्तर प्रदेश में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव करीब आ रहा है, गठबंधन की चर्चाएं भी गर्म हो रही हैं। यहां की राजनीति में बाहुबलियों का भी अपना रुतबा रहा है। कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया भी ऐसे नेताओं में शामिल हैं जिनपर सबकी नजरें हैं। वैसे तो उनका किसी भी दल से वास्ता नहीं रहा है लेकिन वह भाजपा और सपा सरकार में वह मंत्री रह चुके हैं। उनकी अपनी पार्टी है, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक। वह सपा के साथ थे लेकिन अब कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा के साथ भी उनकी पार्टी का गठबंधन हो सकता है।

एक दिन पहले ही राजा भैया अयोध्या की यात्रा पर निकले थे। उन्होंने कहा कि अयोध्या में रामलला के दर्शन के बाद वह आगे के कार्यक्रमों का ऐलान करेंगे। उन्होंने एक टीवी चैनल से बातचीत के दौरान इस बात के संकेत दिए हैं कि इस चुनाव से पहले वह भाजपा के साथ जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि समान विचारधारा वाली पार्टियों के लिए विकल्प खुले हैं। राजा भैया ने कहा कि योगी सरकार में कामकाज अच्छा हुआ है, कुछ कमयों के बावजूद ठीक काम किया गया है। इस बात से कयास लगाए जा रहे हैं कि वह भाजपा में भी जा सकते हैं।

एक दूसरे इंटरव्यू में जब उनसे गठबंधन पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, पूरे प्रदेश में हमारा जनसंपर्क शुरू होगा। गठबंधन के बारे में भी पूरी जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा, पार्टी के गठन के समय जनता ने बड़ा समर्थन किया था। अब तक जनसंपर्क रुका रहा इसलिए अब यह काम किया जा रहा है।

एक पत्रकार ने सवाल किया कि आपकी यात्रा से किसका समीकरण बिगड़ने वाला है? राजा भैया ने कहा, ‘हम किसी को बनाने बिगाड़ने के लिए नहीं निकले हैं। हम तो रामलला सरकार का आशीर्वाद लेने निकले हैं।’

बता दें कि राजा भैया पहले सपा के साथ थे लेकिन अब इस बात पर शक इसलिए किया जा रहा है क्योंकि पिछले चुनाव में सपा ने बसपा से गठबंधन कर लिया था और इस बात से राजा भैया नाराज़ थे। ऐसे में संभावना है कि वह सपा के साथ न जाकर भाजपा के साथ जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी केवल लड़ने के लिए चुनाव नहीं लड़ेगी बल्कि जीतने के लिए चुनावी मैदान में उतरेगी।