यूसुफ पठान ने क्रिकेट को कहा अलविदा, वर्ल्ड कप फाइनल से इंटरनेशनल क्रिकेट में किया था डेब्यू

Yusuf Pathan Retires 38 साल के इस दिग्गज ऑलराउंडर ने सोशल मीडिया के जरिए अपने संन्यास का ऐलान किया। उन्होंने ट्विटर पर पोस्ट किए अपने बयान में कहा, ‘आज अपनी जिंदगी की इस पारी को खत्म करने का समय आ गया है।’

Yusuf Pathan Irfan Pathan International Cricket Retirement

Yusuf Pathan Retires: भारतीय ऑलराउंडर यूसुफ पठान ने शुक्रवार को क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा की। उन्होंने कहा कि उनकी जिंदगी की इस पारी को खत्म करने का समय आ गया है। यूसुफ 2007 में शुरुआती टी20 विश्व कप विजेता टीम और घरेलू मैदान पर 2011 वनडे विश्व कप में जीत दर्ज करने वाली टीम का हिस्सा रहे थे। खास यह है कि यूसुफ पठान ने आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2007 में भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए फाइनल मैच से सीनियर लेवल पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था।

38 साल के इस दिग्गज ऑलराउंडर ने सोशल मीडिया के जरिए अपने संन्यास का ऐलान किया। उन्होंने ट्विटर पर पोस्ट किए अपने बयान में कहा, ‘आज अपनी जिंदगी की इस पारी को खत्म करने का समय आ गया है। मैं खेल के सभी प्रारूपों से आधिकारिक रूप से संन्यास की घोषणा करता हूं। मैं अपने परिवार, दोस्तों, प्रशंसकों, टीमों, कोचों और पूरे देश का सहयोग और प्यार करने के लिये तहेदिल से शुक्रिया करता हूं।’ यूसुफ ने अपने करियर के दौरान 174 आईपीएल मैच भी खेले। वह तीन आईपीएल ट्रॉफियां जीतने वाले पहले क्रिकेटर हैं। हालांकि, पिछले दो सीजन से आईपीएल के लिए होने वाली खिलाड़ियों की नीलामी में वह बिक नहीं पाए थे।

पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज इरफान पठान के बड़े भाई यूसुफ ने अपने करियर के दौरान 57 वनडे खेले। उन्होंने इस दौरान 113.60 के स्ट्राइक रेट से 810 रन बनाए। इसमें दो शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं। उन्होंने 22 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भी हिस्सा लिया। इसमें उन्होंने 146.58 के स्ट्राइक रेट से 236 रन बनाए। वह कोलकाता नाइटराइडर्स की इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में खिताबी जीत का भी हिस्सा रहे। उन्होंने भारत के लिए अपना अंतिम मैच 2012 में खेला था।

यूसुफ ने कहा, ‘मुझे अब भी वह दिन याद है जब मैंने पहली बार भारतीय टीम की जर्सी पहनी थी। मैंने उस दिन सिर्फ जर्सी ही नहीं पहनी थी, बल्कि अपने परिवार, कोच, दोस्तों, पूरे देश और अपनी खुद की उम्मीदें अपने कंधों पर ली थीं।’

उन्होंने कहा, ‘भारत के लिए दो विश्व कप जीतना और सचिन तेंदुलकर को अपने कंधों पर उठाना मेरे करियर के सर्वश्रेष्ठ पलों में से कुछ हैं। मैंने एमएस धोनी की कप्तानी में अपना अंतरराष्ट्रीय, शेन वार्न के नेतृत्व में आईपीएल और जैकब मार्टिन की कप्तानी में रणजी पर्दापण किया था। मुझ पर भरोसा करने के लिए उनका शुक्रिया अदा करना चाहूंगा।’