ये उनके दिमाग में गलत फितूर है, फिर छेड़खानी कर के देखो…किसान आंदोलन में कम हो रही भीड़ पर बोले टिकैत

टिकैत ने कहा कि संख्या कम नहीं है ये तो बहुत बड़ी संख्या है। जब जरूरत पड़ेगी किसान वापिस आ जाएंगे। किसानों को अपने खेत का काम भी देखना है।

rakesh tikait

न्यूज नेशन की रिपोर्टर ने जब किसान नेता राकेश टिकैत से पूछा कि आपका प्लान फेल हो रहा है? टिकैत ने कहा कि संख्या कम नहीं है ये तो बहुत बड़ी संख्या है। जब जरूरत पड़ेगी किसान वापिस आ जाएंगे। किसानों को अपने खेत का काम भी देखना है। ये सरकार के दिमाग में गलत फितूर है। फिर छेड़खानी कर के देखो। सरकार किसानों से छेड़छाड़ कर के देखे तो। किसान अपने खेत का काम भी करेगा और यहां भी रहेगा।

किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि आपको ये संख्या कम लग रही है क्या? रिपोर्टर ने कहा कि जो जगह पहले किसानों से भरी रहा करती थे वे आज खाली हैं। इस पर राकेश टिकैत ने कहा कि ऐसा है तो फिर सरकार को खुश होना चाहिए। सरकार तो यही चाहती है। लेकिन सरकार को ये समझना चाहिए कि किसान पूरे देश में जाएंगे। आंदोलन दिल्ली में भी चलेगा दिल्ली के बाहर भी चलेगा।

रिपोर्टर ने पूछा कि आपके आंसुओं से किसान जुट जाते हैं? इस पर राकेश टिकैत ने कहा कि किसान मुझे यहां पोस्ट पर बिठाकर गए हैं। ये किसानों की पोस्ट है। कैसे इसको कोई खाली करा सकता है? टिकैत ने कहा कि सरकार हमसे आगे भी बात न करे हम तो यहीं बैठे रहेंगे। हम तो कई साल की तैयारी कर के आए हैं।

टिकैत ने कहा कि सरकार इस मामले को अक्टूबर तक खींच कर ले जाएगी। सरकार चाहती है कि किसान गर्मी में यहां रहे। अब हम सरकार से बिजली के कनेक्शन की मांग करेंगे। सरकार ने नहीं दिया तो अपने जनरेटर चलाएंगे और एसी में रहेंगे।

टिकैत ने बताया कि हमें चुनाव लड़ने की बीमारी नहीं है। एक बार बीमारी मोल लेकर देख चुके हैं। अब आगे नहीं मोल लेंगे। राकेश टिकैत ने इस बात से इंकार किया कि किसान आंदोलन की धुरी गाजीपुर बॉर्डर बन गया है।

टिकैत ने कहा कि सिंघू बॉर्डर हमारा मुख्य कार्यालय है। हमारे मेन ऑफिसर भी वहीं है। टिकैत ने कहा कि मुझे सरकार के कर्मों पर गुस्सा आता है। टिकैत ने कहा कि किसने कहा कि हम सरकार से बात करना चाह रहे हैं। हम तो अब देशभर में पंचायत करेंगे। जहां के लोग यहां नहीं आ पा रहे हैं उनके लिए हम पंचायत कर रहे हैं।