ये बांटने की कोशिश करेंगे, हम जोड़ेंगे- बोले राकेश टिकैत तो किसान आंदोलन में शामिल युवती से रेप और मौत पर सवाल पूछने लगे लोग

पश्चिम बंगाल से किसान आंदोलन में हिस्सा लेने दिल्ली आई युवती के साथ बलात्कार का मामला सामने आया है। राकेश टिकैत ने इस पर अभी कोई टिप्पणी नहीं की है हालांकि आंदोलन को लेकर उन्होंने एक ट्वीट किया है जिसके बाद यूजर्स उनसे सवाल कर रहे हैं।

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किसान आंदोलन में हिस्सा लेने 11 अप्रैल को पश्चिम बंगाल से दिल्ली आई युवती के साथ बलात्कार के मामले में पुलिस से केस दर्ज कर लिया है। टिकरी बॉर्डर पर किसान सोशल आर्मी चलाने वाले अनूप और अनिल मलिक समेत 6 लोगों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया है। ऐसी खबरें हैं 26 अप्रैल को कोविड संक्रमण के चलते युवती को शिवम हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था जहां दुष्कर्म की बात सामने आई थी। युवती ने कोविड संक्रमण से 30 अप्रैल को दम तोड़ दिया था। किसान आंदोलन के शीर्ष नेता राकेश टिकैत ने इस पर अभी कोई टिप्पणी नहीं की है हालांकि ट्विटर पर उन्होंने एक ट्वीट कर कहा है कि हमें बांटने की कोशिश की जाएगी लेकिन हम जोड़ने का काम करेंगे।

राकेश टिकैत के इस ट्वीट पर ट्विटर यूजर्स उनसे ढ़ेरों सवाल पूछ रहे हैं। राकेश टिकैत ने ट्वीट किया, ‘ये बांटने की कोशिश करेंगे, हम जोड़ेंगे। ये तोड़ने की कोशिश करेंगे, हम कोलि भरने की कोशिश करेंगे।’

राकेश टिकैत के इस ट्वीट पर विजय नाम से एक ट्विटर यूजर ने सवाल पूछा, ‘राकेश टिकैत जी, आप कानून का विरोध करने गए हैं या तिरंगे का अपमान करने या सामूहिक बलात्कार करवाने? किसानों की गरिमा और कितना गिराओगे?’ आशीष नाम से एक यूजर ने राकेश टिकैत से पूछा, ‘राकेश टिकैत जी इस बारे में क्या कहना है? टिकरी बॉर्डर में तो आप भी थे न एक दिन पहले।’

आर सिंह नाम से एक यूजर ने लिखा, ‘अकेली महिला के साथ छेड़छाड़ की, 26 जनवरी को लालकिला पर झंडा फहराया, पुलिस वालों की डंडे से पिटाई की और पूरे देश को शर्मशार किया। और अब कितना गिरोगे।’ मनीष लिखते हैं, ‘ये बलात्कार पर कुछ बोलोगे?’

वहीं कुछ यूजर्स राकेश टिकैत के समर्थन में भी दिखे जो कह रहे हैं कि किसानों के खिलाफ़ दुष्प्रचार किया जा रहा है। रचना समलेटी नाम की एक यूजर ने लिखा, ‘किसानों के खिलाफ दुष्प्रचार का एक शब्द भी बर्दास्त नहीं किया जाएगा।’

ममता पटेल ने लिखा, ‘हम सब की जिम्मेदारी बनती है कि अन्नदाता को बदनाम होने से बचाए। किसान इतने दिनों से संघर्ष कर रहे हैं और उन्हें बदनाम करने की हर साजिश नाकाम रही तो ये इस हद तक गिर गए।’ मनु भारतीय नाम से एक यूजर ने लिखा, ‘किसान पुत्र हैं जी, जड़े गहरी हैं हमारी..ये यूं बदनाम करके हमें कभी तोड़ नहीं सकते।’