ये लोगों की भावनाओं से खेलते हैं, इनका मकसद वोट इकट्ठा करना- CM योगी पर राकेश टिकैत का तंज, बोले- ये बांटेंगे, हम जोड़ेंगे

राकेश टिकैत ने हाल ही में दिए इंटरव्यू में सीएम योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा और कहा कि ये केवल लोगों की भावनाओं के साथ खेलते हैं।

rakesh tikati, cm yogi adityanath सीएम योगी आदित्यनाथ पर राकेश टिकैत का तंज (फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस)

कृषि कानूनों को लेकर किसान बीते कई महीनों से दिल्ली के बॉर्डर पर डटे हुए हैं। उनकी मांग है कि जब तक सरकार कानूनों को वापस नहीं ले लेती है, वह पीछे हटने वाले नहीं हैं। किसानों से जुड़े मुद्दे को लेकर किसान नेता राकेश टिकैत ने डेक्कन क्रॉनिकल को भी इंटरव्यू दिया, जिसमें उन्होंने अपनी मांगों को बताने के साथ-साथ पीएम मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ पर भी जमकर निशाना साधा। राकेश टिकैत ने आरोप लगाया कि यह लोगों की भावनाओं के साथ खेलते हैं और इनका काम केवल वोट इकट्ठा करना है।

दरअसल, राकेश टिकैत से सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा ‘अब्बा जान’ के सिलसिले में दिए गए बयान को लेकर सवाल किया गया था। इसपर किसान नेता ने जवाब दिया, “ध्रूवीकरण करना इनका मुख्य मकसद है। इन बयानों के जरिए यह राष्ट्र को पीछे ले जाना चाहते हैं। उनका एक ही मकसद है और वह है वोट इकट्ठा करना। ये यूं ही लोगों को मूर्ख बनाते रहेंगे और उनकी भावनाओं से खिलवाड़ करते रहेंगे।”

राकेश टिकैत ने अपने बयान में आगे कहा, “बीजेपी को लगता है कि किसान, कम से कम पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौजूद किसानों को इस बार गन्ने की कीमत देकर खरीदा जा सकता है। लेकिन यह आंदोलन केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक ही सीमित नहीं है। अगर किसानों को उचित समर्थन मूल्य मिलेगा तो पूरे देश को इससे फायदा होगा। गन्ना केवल एक फसल है।”

इंटरव्यू में राकेश टिकैत से सवाल किया गया कि हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि वह छोटे किसानों के साथ हैं, जो कि कुल किसानों के 86 प्रतिशत हैं। इसका जवाब देते हुए राकेश टिकैत ने कहा, “क्या वह केवल छोटे किसानों के लिए ही हैं? ये लोग केवल राष्ट्र को बांटने का काम करते हैं। ये किसानों को भी छोटे और बड़े में बांट रहे हैं।”

किसान नेता राकेश टिकैत ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए आगे कहा, “ये यह गारंटी दें न कि छोटे किसानों द्वारा उगाई गई फसलों को एमएसपी पर खरीदा जाएगा।” बता दें कि किसान नेता ने चुनावों को लेकर भी बात की और कहा कि हम चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन अगर कोई किसान नेता चुनाव लड़ना चाहता है तो वह बिल्कुल लड़ सकता है।