रणजी के 41 विकेट ने अर्जन को दिलाई टीम में जगह

टेस्ट चैंपियनशिप के लिए टीम चयन के बाद एक नाम ने सनसनी फैला दी। वह नाम है 23 साल के अर्जन नागवासवाला का, जिन्हें पहली बार सीनियर राष्ट्रीय टीम में जगह मिली है।

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टेस्ट चैंपियनशिप के लिए टीम चयन के बाद एक नाम ने सनसनी फैला दी। वह नाम है 23 साल के अर्जन नागवासवाला का, जिन्हें पहली बार सीनियर राष्ट्रीय टीम में जगह मिली है। घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन की बदौलत वह इस मुकाम तक पहुचें। लेकिन अखबारों की सुर्खिंयां बनने की पीछे कारण कुछ और ही है। वे 1975 के बाद भारतीय टीम में शामिल होने वाले पहले पारसी क्रिकेटर बने हैं। इससे पहले 1975 में फारुख इंजीनियर ने भारत के लिए अपना आखिरी मैच खेला था। वहीं, महिलाओं में डायना इडुल्जी ने जुलाई 1993 में अपना अंतिम मैच खेला था।

नागवासवाला गुजरात के एक छोटे से गांव नार्गोल के रहने वाले हैं। उनका जन्म सूरत में हुआ। उन्होंने अंडर-16, अंडर-19 और अंडर-23 स्तर पर गुजरात टीम का प्रतिनिधित्व किया है। इस दौरान उन्होंने अपने प्रदर्शन से काफी प्रभावित किया। टीम इंडिया के लिए इंग्लैंड रवाना होने वाली टीम का हिस्सा बनाने के पीछे चयनकर्ताओं ने भी उनके पिछले रणजी खेल को ही आधार बनाया। 2019-20 सत्र के दौरान उन्होंने 41 विकेट चटकाए थे।

वलसाड़ के हीरो को लंबे समय से खेलते देख रहे गुजरात के कोच और चयनकर्ता संतोष देसाई ने एक साक्षात्कार में बताया कि नागवासवाला जब अंडर-19 और अंडर-23 टीम का हिस्सा थे, तब मैं उनका जिला स्तर का कोच था। वह एक शानदार तेज गेंदबाज हैं। अंडर-16 और अंडर-19 स्तर पर उन्होंने शानदार गेंदबाजी से काफी प्रभावित किया। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें रणजी ट्रॉफी में खेलने का मौका मिला। बीते साल हुए सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी उन्होेंने धारदार गेंदबाजी की। देसाई के मुताबिक उन्हें इंडियन प्रीमियर लीग में मौका मिलना चाहिए था। हालांकि भारतीय टीम में जगह पा कर उन्होंने इस कमी को पूरी कर दिया है।

नागवासवाला ने 2018 में उस समय चर्चा में आए जब रणजी ट्रॉफी के एक मुकाबले के दौरान उन्होंने मुंबई के खिलाफ पांच विकेट चटकाए। इस मैच में उन्होंने 23.3 ओवर में 78 रन देकर पांच विकेट चटकाए थे। 2019-20 सत्र में उन्होंने 18.36 के औसत और 39.4 के स्ट्राइक रेट से शानदार गेंदबाजी की। इस दौरान तीन बार उन्होंने पारी में पांच विकेट लिए और एक बार पंजाब के खिलाफ मुकाबले में 10 विकेट हासिल किए। वहीं पिछले साल विजय हजारे ट्रॉफी में भी उन्होंने छाप छोड़ी। टूर्नामेंट में कुल 19 विकेट इस खिलाड़ी के नाम हुए। छत्तीसगढ़ के खिलाफ इस युवा गेंदबाज ने 54 रन दे कर छह विकेट हासिल किए। गुजरात को सेमी फाइनल तक पहुंचाने में अर्जन ने अहम योगदान दिया।