राकेश टिकैत की नहीं मान रहे किसान! अब शामली में किसान ने ट्रैक्टर से रौंद डाली फसल, कहा- केंद्र से न हो रहा पेमेंट, तो मरेंगे…ये कद्दू खा लेना फिर

टिकैत ने हाल ही में किसानों से अपील की थी कि वो फसल को बर्बाद न करें। फसल को काटे अगर स्वयं काटने के हालत में नहीं हैं तो गांव के मजदूरों से कटवाए।

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भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत की अपील के बाद भी किसान नहीं मान रहे हैं। शामली में एक किसान ने करीब दो बीघा फसल ट्रैक्टर चला कर नष्ट कर दी। ग्रामीणों के द्वारा उसे रोकने का प्रयास किया गया लेकिन वो नहीं माना।किसान तीन नए कृषि कानूनों से नाराज था उसका कहना था कि सरकार किसानों के अधिकारों का हनन कर रही है।

किसानों का कहना है कि सरकार उनकी बात नहीं सुन रही है। तीन महीने से लोग आंदोलन कर रहे हैं। पिछले साल का 8 हजार करोड़ किसानों का बकाया है। गुस्से में एक किसान ने कहा कि जब ये किसान मर जाएंगे तब ‘कद्दू खा लियो’। उन्होंने कहा कि मैंने फसल नष्ट करने से रोका लेकिन किसान गुस्से में हैं वो नहीं मान रहे हैं। एक अन्य किसान ने कहा कि सरकार हमें पाकिस्तानी और खालिस्तानी बता रही है। अगर हमारे साथ ऐसा व्यवहार होगा तो हम फसल का क्या करेंगे?

बिजनौर में भी किसान ने किया था फसल नष्ट: सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ कुछ ही दिन पहले बिजनौर के चांदपुर तहसील के कुचलाना में में भी एक किसान ने अपनी फसल को बर्बाद कर दिया था।

राकेश टिकैत ने की थी अपील: टिकैत ने हाल ही में किसानों से अपील की थी कि वो फसल को बर्बाद न करें। फसल को काटे अगर स्वयं काटने के हालत में नहीं हैं तो गांव के मजदूरों से कटवाए। अन्न को बर्बाद न करें, अन्न अकेला मेरा नहीं है। अन्न देश का है।

आंदोलन तेज करने के दिए संकेत: बताते चलें कि राकेश टिकैत ने उत्तर प्रदेश में जिला स्तर पर किसान आंदोलन को तेज करने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा है कि अब गेहूं की फसल तैयार होने वाली है। अगर किसान का गेहूं एमएसपी नहीं खरीदा गया तो किसान जिलाधिकारी कार्यालय के सामने धरना देंगे।