‘राकेश टिकैत जाट पॉलिटिक्स कर सरकार पर दबाव बना रहे हैं?’, एंकर के सवाल पर BKU के धर्मेंद्र मालिक ने दिया जवाब…

बीकेयू प्रवक्ता ने इसे सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वे सिर्फ किसानों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर रहे हैं। इसलिए हर जगह पंचायत आयोजित हो रहा है।

farmer movement

किसान आंदोलन में पंजाब और हरियाणा के बाद पश्चिमी यूपी के किसानों की संख्या ज्यादा है। इसको लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि किसान नेता और भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत महापंचायतों के जरिए जाट पॉलिटिक्स का शक्ति प्रदर्शन करने में जुट गए हैं। हालांकि उनकी संगठन के लोग इस बात को सिरे से खारिज करते हुए कह रहे हैं कि वे सिर्फ किसानों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर रहे हैं।

टीवी चैनल आज तक के हल्ला बोल कार्यक्रम में एंकर अंजना ओमकश्यप ने सवाल किया कि क्या राकेश टिकैत जाट पालिटिक्स के जरिए शक्ति प्रदर्शन कर सरकार पर दबाव बना रहे हैं?

भारतीय किसान यूनियन के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने कहा, “नहीं हमारा संगठन तो सर्वजातीय संगठन है, हम किसी एक जाति की बात नहीं करते हैं। हम तो पंचायतों के माध्यम से अपने संगठन के स्ट्रक्चर को गांव-गांव खड़ा कर रहे हैं। बहुत सारे लोग जो राजस्थान, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के हैं तथा यहां पहुंच नहीं सकते हैं, हम उनके बीच पहुंच रहे हैं।”

एंकर अंजना ओमकश्यप ने पूछा, “ईमानदारी से बताइए कि क्या यह रणनीति नहीं है कि जाट वोटबैंक का डर और खौफ बीजेपी में पैदा करो, जिससे वे शायद आपकी बात मान जाए, वर्ना इन पंचायतों का क्या मतलब, उन्होंने कहा बंगाल में करेंगे पंचायत। बंगाल से क्या मतलब, वहां के किसान तो इस आंदोलन में शामिल भी नहीं हैं?”

इस पर धर्मेंद्र मलिक ने कहा, “वहां के किसान को बताएंगे कि नुकसान आपका भी होने वाला है। एमएसपी बंगाल के किसान को भी नहीं मिलती है, महाराष्ट्र के किसान को भी नहीं मिलती है। केरला के किसान को भी नहीं मिलती है, कर्नाटक के किसान को भी नहीं मिलती है। आप सरकार के वेबसाइट को देख लीजिए तो आपको पता चल जाएगा कि एमएसपी कहां और किसको मिलती है।”