राकेश टिकैत ने किसानों से कहा, ट्रैक्टर में तेल भरवाकर तैयार रहें, कभी भी दिल्ली में बुलाया जा सकता है

उत्तरप्रदेश के शामली में आयोजित में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि हम किसानों से कह रहे हैं कि कभी भी दिल्ली बुलाया जा सकता है इसलिए ट्रेक्टर में तेल भरवाकर तैयार रहें।

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किसान नेता राकेश टिकैत दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से एक हैं। पिछले कुछ समय से राकेश टिकैत लगातार यह कह रहे हैं कि इस बार 40 लाख ट्रैक्टर संसद भवन का घेराव करेंगे। इसी कड़ी में राकेश टिकैत ने किसानों से कहा है कि कभी भी दिल्ली बुलाया जा सकता है इसलिए आप लोग ट्रैक्टर में तेल भरकर तैयार रहें। ज्ञात हो कि पिछले 3 महीने से भी अधिक समय से दिल्ली से सटे सभी सीमाओं पर किसानों का आंदोलन चल रहा है। आंदोलनकारी किसान केंद्र सरकार द्वारा पारित किए गए तीनों कृषि कानून को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।

उत्तरप्रदेश के शामली में आयोजित में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि हम किसानों से कह रहे हैं कि कभी भी दिल्ली बुलाया जा सकता है इसलिए ट्रेक्टर में तेल भरवाकर तैयार रहें। साथ ही राकेश टिकैत ने कहा कि आंदोलन लंबा चलेगा। जबतक सरकार मानेगी नहीं तब तक हम यहाँ से नहीं जायेंगे। आगे टिकैत ने कहा कि हमने किसानों से आग्रह किया है कि जैसे ही खेती बाड़ी का काम खत्म हो तो दिल्ली की तरफ जरुर कूच करें।

प्रेस कांफ्रेस में जब किसान नेता राकेश टिकैत से यह पूछा गया कि भाजपा के विधायक और मंत्री आम लोगों से कह रहे हैं कि किसान नेता कई बार केंद्रीय मंत्री से मिले लेकिन कोई हल नहीं निकाल पाए। इसके जवाब में राकेश टिकैत ने कहा कि मीटिंग का लाइव टेलीकास्ट करवा दें तो पता चल जाएगा कि मीटिंग में क्या बात होती थी। ज्ञात हो कि पिछले दिनों एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में राकेश टिकैत ने कहा था कि मीटिंग में मंत्री कम अफसर ज्यादा बात किया करते थे।  

   

बीते 26 जनवरी को लालकिले पर हुई हिंसा के बाद उत्तरप्रदेश सरकार ने गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहा धरना खाली कराने का आदेश दिया था। उत्तरप्रदेश प्रशासन की इस हरकत से नाखुश होकर राकेश टिकैत ने धमकी देते हुए कहा था कि अगर तीनों कृषि कानून वापस नहीं लिए गए तो वे आत्महत्या कर लेंगे लेकिन धरना स्थल खाली नहीं करेंगे। राकेश टिकैत की इस भावुक अपील से आंदोलन को नई दिशा मिली और बॉर्डरों पर फिर से किसानों की भीड़ जुटने लगी।