राकेश टिकैत बगैर ठगे नहीं करते कोई काम, कांग्रेसी फंडिंग से चल रहे आंदोलन में लोग पा रहे शराब और काजू-बादाम- BKU (भानु) नेता का आरोप

किसान नेता भानु प्रताप सिंह ने कहा कि राकेश टिकैत बिना ठगे कोई काम नहीं करते और यह किसान आंदोलन कांग्रेस की फंडिंग से चल रहा है।

किसान आंदोलन से अपने को अलग करने के बाद से ही बीकेयू(भानु गुट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह लगातार किसान नेता राकेश टिकैत के खिलाफ बयान दे रहे हैं। फोटो- पीटीआई)

पिछले साल दिसंबर के महीने में भारतीय किसान यूनियन (भानु गुट) के अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने अपने संगठन को किसान आंदोलन से अलग कर लिया था। आंदोलन से अलग होने के बाद से ही वे दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन और किसान नेता राकेश टिकैत पर निशाना साधते रहते हैं। एक बार फिर से उन्होंने किसान नेता टिकैत पर आरोप लगाते हुए कहा है कि राकेश टिकैत बगैर ठगे कोई काम नहीं करते हैं और साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की फंडिंग से चल रहे इस आंदोलन में लोग शराब पी रहे हैं और काजू बादाम खा रहे हैं।

समाचार चैनल एएनआई से बातचीत करते हुए भारतीय किसान यूनियन (भानु गुट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने कहा कि राकेश टिकैत बिना ठगे कोई काम नहीं करते। किसान आंदोलन कांग्रेस की फंडिंग से चल रहा है। वहां काजू, बादाम, पिस्ता, किशमिश और शराब की बोतल मिल रही है। असली किसान आंदोलन में नहीं है, वहां केवल शराब पीने वाले और नोट लेने वाले हैं।

हालांकि इससे पहले भी किसान नेता भानु प्रताप सिंह ने राकेश टिकैत पर आरोप लगाते हुए कहा था कि उन्होंने उनके पिता महेंद्र सिंह टिकैत के साथ 10 साल तक काम किया लेकिन जबसे राकेश टिकैत ने कमान संभाली इन्होंने लूटना शुरू कर दिया। इन्होंने 12 बीघा खेत से 500 बीघा खेत कर दिया। भट्ठा खोल लिए, कार ले ली, पेट्रोल पंप बना लिए। साथ ही उन्होंने दिल्ली की सीमा पर बैठे किसानों पर भी हमला बोलते हुए कहा था कि इनलोगों ने आंदोलन में पक्के मकान बनाकर दिखा दिया कि हम आतंकवादी हैं और सड़क पर कब्जा कर लेंगे।

बता दें कि पिछले साल दिसंबर के महीने में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात के बाद भारतीय किसान यूनियन (भानु गुट) के अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने अपने संगठन की ओर से नोएडा बॉर्डर पर चल रहा किसान आंदोलन आंशिक रूप से ख़त्म कर लिया था। बाद में 26 जनवरी की घटना के बाद उन्होंने पूरी तरह से नोएडा के चिल्ला बॉर्डर पर चल रहे धरने को ख़त्म कर दिया था। हालांकि इस संगठन को संयुक्त किसान मोर्चा में भी शामिल नहीं किया गया था