राजधानी दिल्ली में बिजली संकट की आशंका, उत्पादन संयंत्रों में कोयले की किल्लत पर सीएम केजरीवाल ने जताई चिंता, पीएम मोदी को लिखा पत्र

वर्तमान में दिल्ली में प्रतिदिन 4200 से 4500 मेगावाट बिजली की मांग है। शनिवार को छुट्टी का दिन होने से यह मांग 4586 मेगावाट पहुंच गई थी लेकिन शाम में करीब 200 मेगावाट की गिरावट दर्ज की गई।

उत्पादन संयंत्रों में कोयले की कमी से राजधानी में बिजली संकट गहरा सकता है। (फाइल फोटो)

देश में बिजली बनाने का संयंत्र (प्लांट) कोयले की किल्लत से जूझ रहे हैं। इस वजह से आने वाले दिनों में दिल्ली में बिजली का संकट खड़ा हो सकता है। इन संयंत्र से दिल्ली को 1971 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराई जाती है। इस स्थिति से दिल्ली को बचाने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है।

पत्र के माध्यम से उन्होंने केंद्र सरकार के विभिन्न संयंत्रों में कोयला संकट को खत्म करने के लिए व्यक्तिगत तौर पर हस्तक्षेप की अपील की है। यह बिजली दिल्ली में प्रतिदिन होने वाली बिजली मांग का एक बड़ा हिस्सा है। शनिवार को अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा है कि दिल्ली वाले जल्द ही भीषण बिजली संकट से जूझ सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति पर वे निगरानी बनाए हुए हैं और हरसंभव कोशिश कर रहे हैं। इसलिए प्रधानमंत्री से भी मामले में दखल देने की अपील की गई है।

पत्र में बताया गया है कि देश के कोयला संयंत्र पर कोयले का संकट अगस्त-सितंबर से जारी है। तीन माह बाद भी इस स्थिति में कोई सुधार नहीं है, इसलिए झज्जर, दादरी को कोयला उपलब्ध कराया जाए और बवाना प्रगति संयंत्र के लिए भी गैस उपलब्ध कराई जाए। इन संयंत्र के पास केवल एक ही दिन का भंडार बाकी है।

वर्तमान में दिल्ली में प्रतिदिन 4200 से 4500 मेगावाट बिजली की मांग है। शनिवार को छुट्टी का दिन होने से यह मांग 4586 मेगावाट पहुंच गई थी लेकिन शाम में करीब 200 मेगावाट की गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को यह मांग 4920 मेगावाट थी। हालांकि दिल्ली में अब तक अधिकतम मांग 7409 मेगावाट दर्ज की जा चुकी है।

‘संयंत्रों तक कोयला जल्द पहुंचाने का हो इंतजाम’
दिल्ली सरकार में मंत्री सत्येंद्र जैन ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार से दिल्ली सरकार अपील करती है कि ‘रेलवे वैगन’ का इंतजाम किया जाए। इस मदद से जल्द से जल्द कोयले को संयंत्रों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने मांग की है कि देश के सभी संयंत्र पर कम से कम एक महीने का भंडार सुनिश्चित किया जाए।

सत्येंद्र जैन ने शनिवार को ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। उन्होंने बताया कि दिल्ली में तीन ऊर्जा संयंत्र हैं। इनसे जितनी बिजली का उत्पादन हो सकेगा, दिल्ली सरकार द्वारा उतना उत्पादन किया जाएगा। मामले में भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने मांग की है कि दिल्ली सरकार जनता को बताए कि बिजली संयंत्रों के लिए आवश्यक कोयले एवं गैस की पूर्ति सुनिश्चित करने के लिए गत 10 -15 दिन में क्या प्रयास किए हैं।