राजस्थान में भी हो बदलाव, सचिन पायलट संग 2018 में हुआ अन्याय- बोले कांग्रेसी नेता, याद दिलाया नए लोगों पर गहलोत का बयान

पंजाब में कांग्रेस ने जैसे-तैसे मुख्यमंत्री बदलकर नवजोत सिंह सिद्धू और कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच तनाव कम करने की कोशिश तो की लेकिन इसका असर अब राजस्थान पर भी देखा जा सकता है।

Acharya Pramod Krishnam Sachin Pilot And Ashok gehlot राजस्थान में सीएम बदलने की आचार्य प्रमोद की मांग से सचिन पायलट और अशोक गहलोत खेमा एक बार फिर से आमने-सामने हो सकता है(फोटो सोर्स: एक्सप्रेस फोटो)।

पंजाब में कांग्रेस ने चरणजीत सिंह चन्नी को राज्य का मुख्यमंत्री बनाकर नवजोत सिंह सिद्धू और कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच चल रहे खींचतान को खत्म करने की कोशिश की। लेकिन इसका असर अब कांग्रेस शासित दूसरे राज्यों में देखने को मिल रहा है। बता दें कि राजस्थान में भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के विरोधी अब अपनी आवाज मुखर करने लगे हैं।

प्रियंका गांधी के करीबी माने जाने वाले कल्कि पीठाधीश आचार्य प्रमोद कृष्णम ने सचिन पायलट की पैरवी करते हुए मांग की है कि जिस तरह से पंजाब में बदलाव हुआ, वैसे राजस्थान में भी हो। वैसे अभी तक तो पायलट खेमे के नेता, इस मांग को दबी जुबान में कर रहे थे लेकिन आचार्य प्रमोद की खुली पैरवी के बाद राजस्थान में सियासी हचलच बढ़ गई है।

अपनी मांग को लेकर आचार्य प्रमोद ने कहा कि, मैं राजस्थान के कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की भावनाओं पर बात कर रहा हूं। यहां के कार्यकर्ताओं में चर्चा है कि सचिन पायलट के साथ इंसाफ नहीं हुआ है। आलाकमान ने सचिन पायलट को आश्वासन दिया, उसी को मानकर उन्होंने काम किया। पायलट ने आलाकमान के हर निर्देश को स्वीकार किया।

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि, खुद सीएम गहलोत ने नए लोगों को आगे आने के लिए कहा था। पूरे देश में बदलाव की हवा चल रही है। कोई भी हमेशा के लिए न तो पीएम बने रह सकता है और न ही सीएम। जब बीजेपी अपने पांच-पांच मुख्यमंत्री बदल सकती है तो फिर कांग्रेस ऐसा क्यों नहीं कर सकती?

उन्होंने कहा कि, 2018 विधानसभा चुनाव में पंजाब, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ में सभी प्रदेश अध्यक्षों को चुनाव बाद सीएम पद मिला लेकिन राजस्थान में पायलट इससे वंचित रह गए। उनके साथ यह नाइंसाफी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी कार्यकर्ता मानते हैं कि पायलट को सीएम बनना चाहिए।

वैसे पायलट को लेकर प्रमोद कृष्णम ने इससे पहले भी इशारों में सीएम बनाने बात कही थी। 7 सितंबर को सचिन पायलट के जन्मदिन पर आचार्य ने एक ट्वीट के जरिए कहा था, ‘परिवर्तन की बयार है, उपहार तैयार है, शुभ घड़ी का इंतजार है।’

माना जा रहा है कि जिस तरह से पंजाब में कांग्रेस ने बदलाव किया है, उसे देखते हुए अब राजस्थान में खेमेबंदी तेज हो सकती है। राज्य में गहलोत और पायलट खेमा एक बार फिर से आमने-सामने देखा जा सकता है।