राजस्थान रॉयल्स के गेंदबाज पर टूटा दुखों का पहाड़, मदर्स डे के दिन पिता का छूटा साथ; 4 महीने पहले ही भाई की हुई थी मौत

चेतन इस साल इंडियन प्रीमियर लीग में राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेले थे। आईपीएल को बायो-बबल में कोविड-19 संक्रमण के मामले आने के बाद चार मई को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।

Chetan Sakariya, Rajasthan Royals

सौराष्ट्र और राजस्थान रॉयल्स के युवा तेज गेंदबाज चेतन सकारिया के ऊपर मदर्स डे (9 मई 2021) के दिन दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उनके पिता कांजीभाई सकारिया का रविवार को भावनगर के एक अस्पताल में कोविड-19 संक्रमण के कारण निधन हो गया। वे 42 साल के थे और पिछले कुछ दिनों से संक्रमण से जूझ रहे थे। सौराष्ट्र क्रिकेट संघ ने उनके निधन पर शोक जताते हुए बयान में कहा, ‘‘सौराष्ट्र क्रिकेट संघ में सभी क्रिकेटर चेतन सकारिया के पिता के निधन से बेहद दुखी हैं।’’

क्रिकेट संघ ने कहा, ‘‘सौराष्ट्र क्रिकेट संघ चेतन के प्रति संवेदना जाहिर करता है और भगवान से प्रार्थना करते है कि उनके परिवार में सभी को इस दुख से निपटने की ताकत दे और साथ ही उनके पिता की आत्मा को शांति दे।’’ 22 साल के चेतन इस साल इंडियन प्रीमियर लीग में राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेले थे। आईपीएल को बायो-बबल में कोविड-19 संक्रमण के मामले आने के बाद चार मई को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज चेतन ने सौराष्ट्र की ओर से 15 प्रथम श्रेणी मैचों में 41 विकेट चटकाए।

राजस्थान रॉयल्स ने भी उनके पिता के निधन पर शोक जताया है। फ्रेंचाइजी ने ट्वीट किया, ‘‘काफी दुख के साथ हम पुष्टि करते हैं कि कांजीभाई सकारिया आज कोविड-19 के खिलाफ जंग हार गए। हम चेतन के संपर्क में हैं और इस मुश्किल समय में उन्हें तथा उनके परिवार को हर संभव मदद मुहैयार कराएंगे।’’ चेतन सकारिया को इस सीजन के लिए हुई नीलामी में राजस्थान ने 1.20 करोड़ रुपए में खरीदा था। चेतन के लिए रॉयल चैलेंजर्स बंगलौर (आरसीबी) और राजस्थान के बीच नीलामी में जरदस्त टक्कर हुई। दोनों ने मिलकर कुल 20 बार बोली लगाई।

सकारिया के भाई ने जनवरी में आत्महत्या कर ली थी। चेतन का क्रिकेटर बनने का सफर आसान नहीं रहा है। उनके पिता ऑटो चलाते थे और परिवार की गरीबी को देखकर वे चेतन को क्रिकेट नहीं बनाना चाहते थे। यहां तक कि चेतन ने जब क्रिकेट खेलना शुरू किया तो उनके पास जूते के लिए पैसे तक नहीं थे। चेतन को क्रिकेटर बनाने के लिए उनके अंकल ने दखल दिया था। करीब 4-5 साल पहले उनके घर में टीवी नहीं था। क्रिकेट मैच देखने के लिए उन्हें दोस्तों या पड़ोसी के घर जाना पड़ता था।