राहुल गांधी, सोनिया के सुपुत्र हैं इसलिये उन्हीं की चलेगी? अमिश देवगन ने किया सवाल, कांग्रेस नेता से हो गई बहस

पंजाब में कांग्रेस के भीतर इन दिनों उथल-पुथल मची हुई है। पिछले दिनों कांग्रेस में चल रही कलह के बाद अब कुछ नेताओं ने आवाज उठानी शुरू कर दी है।

Sonia Gandhi Rahul Gandhi Bihar Congress बिहार कांग्रेस अध्यक्ष पर अंतिम फैसला सोनिया गांधी और राहुल गांधी लेंगे। File/Indian Express

न्यूज 18 इंडिया की लाइव डिबेट में अमिश देवगन कांग्रेस नेता मुदित अग्रवाल से सवाल करने लगे कि ‘राहुल गांधी, सोनिया के सुपुत्र हैं इसलिये उन्हीं की चलेगी?’ ऐसे में कांग्रेस नेता पार्टी का पक्ष रखते हुए कहने लगे कि पार्टी में जो कार्यकर्ता होते हैं वो जिसकी सुनना चाहते हैं उसकी ही सुनते हैं। कांग्रेस नेता ने डिबेट शो में कहा- ‘पार्टी में सबसे सुप्रीम कौन होता है? कार्यकर्ता सबसे सुप्रीम होता है, लीडर नहीं। जो कार्यकर्ता चाहते हैं, वहीं कांग्रेस पार्टी के लीडर्स करते हैं। सभी कार्यकर्ता उन्हें अपना लीडर मानते हैं।’

कांग्रेस नेता की इस बात को काटते हुए अमिश देवगन कहते हैं- ‘बहुत अच्छी बात कही आपने, कार्यकर्ता को एबिलिटी देनी चाहिए, कार्यकर्ता ही लीडर होता है। मुदित अग्रवाल ने क्यों बात नहीं की?’ इसका जवाब देते हुए कांग्रेस नेता कहते हैं- ‘क्योंकि जो कांग्रस के नेता हैं, वो मुदित अग्रवाल को अपना लीडर नहीं मानते वह गांधीज को अपना लीडर मानते हैं।’

ऐसे में अमिश पलट कर सवाल करते हैं- ‘लेकिन राहुल गांधी ने किस हैसियत से बात करी आप ये बताइए?’ इस पर कांग्रेस नेता कहते हैं- ‘अच्छा चलिए मान लीजिए अगर मैं कहता हूं कि मैं बात करता हूं तो क्या वो सुनेंगे? जो लीडरशिप होती है वो थोपी नहीं जाती कमाई जाती है।’

अमिश पूछते हैं- ‘तो क्या तीन लीडर ही हैं पार्टी के अंदर, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी? तो आप ये खुद मान रहे हैं कि राहुल गांधी जी सोनिया जी के सुपुत्र हैं और प्रियंका सुपुत्री हैं ऐसे में वह पार्टी के नेता हैं। इसलिए अमरिंदर सिंह को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।’

ऐसे में कांग्रेस नेता कहते हैं- ‘अरे बाबा थोड़ी शालीनता औऱ सुनने की क्षमता तो रखिए। आप बस ट्विस्ट करने में माहिर हैं। जो ताकत आती है वो जमीन से आती है, लोकतंत्र में जो ताकत होती है वो देश में या पार्टी में हो वह जमीन से आती है।’

बता दें, पंजाब में कांग्रेस के भीतर इन दिनों उथल-पुथल मची हुई है। पिछले दिनों कांग्रेस में चल रही कलह के बाद अब कुछ नेताओं ने आवाज उठानी शुरू कर दी है। कपिल सिब्बल ने भी बुधवार को एक प्रेस कांफ्रेंस कर पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाए थे। इसके बाद पार्टी के कई कार्यकर्ताओं ने बुधवार को उनके आवास के बाहर प्रदर्शन किया और उनके खिलाफ नारेबाजी की।

इससे पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री नटवर सिंह ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि ‘कांग्रेस की ऐसी हालत के लिए सोनिया, राहुल और प्रियंका जिम्मेदार हैं। तीनों खुद को तीस मार खां समझतें है।’