रुझान आने शुरू हो गए हैं- तमिलनाडु निकाय चुनाव में BJP प्रत्याशी को मिला सिर्फ एक वोट, घर में ही थे 5 सदस्य; सोशल मीडिया पर लोग लेने लगे मजे

तमिलनाडु निकाय चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को मात्र एक वोट मिले, जिसे लेकर अब पुण्य प्रसून बाजपेयी और सोशल मीडिया यूजर भी खूब ट्वीट कर रहे हैं।

bjp candidate, tamil nadu election तमिलनाडु निकाय चुना में भाजपा उम्मीदवार को मिला एक वोट (इल्युस्ट्रेशन- ई श्रीधरण और मिलन वैष्णव)

तमिलनाडु निकाय चुनाव में भाजपा के टिकट से वार्ड मेंबर का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार को मात्र एक वोट मिले हैं। हैरान करने वाली बात तो यह है कि भाजपा उम्मीदवार के अपने ही परिवार में करीब पांच सदस्य हैं। इस एक वोट की वजह से भाजपा उम्मीदवार लोगों के निशाने पर आ गए हैं। सोशल मीडिया यूजर इस मामले को लेकर खूब ट्वीट कर रहे हैं, साथ ही ट्विटर पर #Single_Vote_BJP भी खूब ट्रेंड कर रहा है।

मशहूर पत्रकार रणविजय सिंह ने इस मामले पर ट्वीट करते हुए लिखा, “तमिलनाडु निकाय चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी को कुल 1 वोट मिले, प्रत्याशी के घर में ही पांच सदस्य हैं। इन चार लोगों के दिमाग की जांच होनी चाहिए, आखिर प्रोपोगेंडा से कैसे बच गए?” मशहूर पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेयी ने निकाय चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को मिले एक वोट पर ट्वीट करते हुए लिखा, “सिर्फ एक वोट, खुद का। भाजपा नेता को उसके अपने परिवार ने ही वोट नहीं दिया।”

फारूकी अबू हुरैरा नाम के यूजर ने एक वोट पर चुटकी लेते हुए लिखा, “तमिलनाडु के जिस इलाके में भाजपा प्रत्याशी को एक वोट मिला है, उस इलाके की शिक्षा व्यवस्था पर थोड़ा और ध्यान देने की जरूरत है।” यूपी कांग्रेस सेवादल के सोशल मीडिया को-ओर्डिनेटर ने लिखा, “तमिलनाडु: भाजपा के वार्ड प्रत्याशी को चुनाव में सिर्फ एक वोट मिला है, जबकि घर में पांच सदस्य हैं। मतलब कचरा सेठ का कचरा सिर्फ उत्तर भारत में ही है, क्यों?”

शुभम वर्मा नाम के यूजर ने तमिलनाडू चुनाव पर चुटकी लेते हुए लिखा, “सुना है तमिलनाडू के उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी को मात्र एक वोट मिला है, जबकि घर में हैं पांच वोट। रुझान आने शुरू।” आरके डहरवाल नाम के यूजर ने मामले पर रिएक्शन देते हुए लिखा, “एक वोट की कीमत तुम क्या जानो मोदी बाबू।”

एनएसयूआई ओड़िशा के सदस्य हराप्रसाद बेहेरा ने मामले पर लिखा, “यहां तक कि परिवार के सदस्यों ने भी इन्हें नहीं स्वीकारा। अब हर भारतीय को भाजपा के साथ ऐसे ही व्यवहार करना चाहिए।” विनय पी नाम के यूजर ने लिखा, “तमिलनाडु को ‘मंदिरों की धरती’ कहा जाता है, क्योंकि यहां 30 हजार से ज्यादा मंदिर हैं और हिंदू संस्कृति ने भाजपा को पूरी तरह से नकार दिया है।”

कांग्रेस सदस्य नीरज भाटिया ने भाजपा प्रत्याशी को मिले एक वोट पर तंज कसते हुए लिखा, “तो यहां तक कि भाजपा उम्मीदवार के परिवार ने भी कमल को एक भी वोट न देते हुए भाजपा को वणक्कम कह दिया है।” वामसी चंद्रन नाम के यूजर ने लिखा, “अगर आप मंदिर की राजनीति करते हुए तेल और एलपीजी के बढ़ते दामों से लोगों का ध्यान हटाने की कोशिश करोगे तो आपको केवल एक ही वोट मिलेगा और आपके परिवार के सदस्य भी आपको वोट नहीं देंगे।”