रूसः एयरलाइन ने 18 से 65 साल के लोगों को टिकट देने से किया मना, देश छोड़कर भाग रहे हैं नौजवान!

हाइलाइट्स

राष्ट्रपति पुतिन ने संबोधन में बताया की तीन लाख आरक्षित सैनिकों की तैनाती की जाएगी.
राष्ट्रपति पुतिन के घोषणा के बाद विदेश जाने वाली सभी फ्लाइटों के टिकट बिक गए.
रूसी एयरलाइन 18 से 65 साल तक के लोगों को टिकट देने से इनकार कर दिया है.

मॉस्को. राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा तीन लाख आरक्षित सैनिकों की तैनाती की घोषणा के बाद रूस से विदेश जाने वाली सभी उड़ानों के टिकट बिक गए. इसके बाद कड़ा फैसला लेते हुए रूस की एयरलाइंस ने 18 से 65 साल के लोगों को टिकट देने से इनकार कर दिया है. इस उम्र के लोग जब तक रक्षा मंत्रालय की तरफ से यात्रा की मंजूरी का प्रमाण नहीं दिखाते तब तक एयरलाइंस टिकट नहीं बेचेगी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रूसी अधिकारियों ने बताया कि करीब 3 लाख आरक्षित सैनिकों की आंशिक तैनाती की योजना बनाई गई है. राष्ट्रपति पुतिन ने इसे महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि रूस पूरी पश्चिमी सैन्य मशीनरी से लड़ रहा है.

रूस की शीर्ष ट्रैवल प्लानिंग वेबसाइट Aviasales.ru के अनुसार पुतिन द्वारा घोषणा करने के बाद कुछ ही मिनट के भीत मॉस्को से जॉर्जिया, तुर्की और अर्मेनिया के लिए 21 सितंबर की सभी उड़ानों के टिकट बिक गए. बता दें कि इन देशों के लिए रूसी नागरिकों को वीजा की आवश्यकता नहीं पड़ती है. मॉस्को के समय दोपहर तक, मॉस्को से अजरबैजान, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान के लिए सीधी उड़ानें भी वेबसाइट पर दिखना बंद हो गई थीं. बता दें कि पुतिन ने टेलीविजन के माध्यम से रूस की जनता को संबोधित करते हुए चेतावनी भरे लहजे में पश्चिम से कहा कि रूस अपने क्षेत्र की रक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाएगा और यह कोरी बयानबाजी नहीं है.

पुतिन ने कहा कि उन्होंने तीन लास आरक्षित सैनिकों की तैनाती के आदेश पर हस्ताक्षर कर दिया है और यह प्रक्रिया बुधवार से शुरू होगी. आरक्षित सैनिक वह व्यक्ति होता है, जो मिलिट्री रिजर्व फोर्स का सदस्य होता है. यह आम नागिरक होता है, जिसे सैन्य प्रशिक्षण दिया जाता है और जरूरत पड़ने पर इनकी कहीं भी तैनाती की जा सकती है. शांतिकाल में यह सेवाएं नहीं देते हैं.

Tags: Russia ukraine war, Vladimir Putin