रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया, कैसे बालासोर के DM रहते पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उन्हें बुला लिया था PMO

अश्विनी वैष्णव ने कहा, ”मुझे लगता है कि जिंदगी में जिस भी सफर में जो अनुभव हासिल होता है, उसका हर जगह महत्व होता है। बतौर अधिकारी, नियम-कानून और सरकारी कर्मचारियों के सामने क्या चुनौतियां आ रही हैं, ये सब पता रहता है।”

Railway Minister Ashwini Vaishnav रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Illustration: Suvajit Dey)

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम के दौरान उस वाकए का जिक्र किया जब वह बतौर जिलाधिकारी बालासोर में कार्यरत थे, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उनको पीएमओ में बुलाया था। अश्विनी वैष्णव ने बताया कि 1999 में ओडिशा के बालासोर में एक सुपर साइक्लोन आया था। उन्होंने कहा कि तब जिले की टीम, जनप्रतिनिधि, विधायक और अन्य लोगों ने बहुत अच्छा काम किया था।

दरअसल, न्यूज 18 इंडिया के कार्यक्रम में अश्विनी वैष्णव से पूछा गया कि वे उस वाकए के बारे में बताएं कि कैसे तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने बालासोर के डीएम रहते उन्हें बुलाया था। इस पर अश्विनी वैष्णव ने कहा, ” जिले की टीम ने बहुत बढ़िया काम किया था, काम तो टीम ने किया था और बेनिफिट मुझे हो गया।” उन्होंने आगे कहा कि कैसे चुना मुझे नहीं पता।

रेल मंत्री ने तीन-तीन मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभालने में आने वाली चुनौतियों को लेकर किए गए सवाल पर कहा, ”ठीक है, काम में मजा आ रहा है।” अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों का पूरा सहयोग मिल रहा है। उन्होंने आगे कहा, ”जहां जरूरत है वहां पर पूरा सपोर्ट मिल रहा है, और कहीं दिक्कत है या फिर कुछ सीनियर अधिकारियों को छुट्टी पर जाना पड़ा, फिर भी सब ठीक है।” अश्विनी वैष्णव ने कहा कि साथ मिलकर काम करें, मेहनत करें, विकास करें और प्रमोशन पाएं।

बतौर अधिकारी जो उन्होंने अनुभव हासिल किया, वो रेल मंत्री रहते कितना काम रहा है? इस सवाल पर अश्विनी वैष्णव ने कहा, ”मुझे लगता है कि जिंदगी में जिस भी सफर में जो अनुभव हासिल होता है, उसका हर जगह महत्व होता है। बतौर अधिकारी, नियम-कानून और सरकारी कर्मचारियों के सामने क्या चुनौतियां आ रही हैं, ये सब पता रहता है।”

रेलवे स्टेशन की हालत, सिग्नल और ट्रेनों के लेट चलने के कारणों पर अश्विनी वैष्णव ने कहा, ”अगर आप 10-12 साल पहले के रेलवे को देखते तो अलग तस्वीर सामने आती। लेकिन जिस तरह से पिछले सात सालों में किसी भी स्टेशन और पटरियों की स्थिति देखेंगे, जो सफाई का स्टैंडर्ड पीएम मोदी लेकर आए हैं, उदाहरण के तौर पर, भोपाल में कमलापति रेलवे स्टेशन या गांधीनगर स्टेशन देखा होगा। आपने वंदे भारत ट्रेन देखिए, बहुत सारे ऐसे काम पिछले सात सालों में हुए हैं जिनको आगे बढ़ाना है।”