लखीमपुर खीरी कांड के खिलाफ उबाल: मरने वालों में एक पत्रकार भी, आईजी बोले- मरने वाले किसानों के परिवारों को मिलेगा 40 लाख मुआवजा

किसान और प्रशासन के बीच सहमति बन गई है, अब मृतक किसानों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा। राकेश टिकैत से मुलाकात के बाद आईजी (लखनऊ) लक्ष्मी सिंह ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की सहमति बन गई है।

Lakhimpur Kheri लखीमपुर में हिंसा के बाद हुई आगजमी । Photo Source- PTI

लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत के मामले को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है। सोमवार को मौके पर जाने की कोशिश करने वाले कई विपक्षी दलों के नेताओं को रोक दिया गया, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव समेत कई नेताओं को गिरफ्तार किया है। इस बीच, राज्य सरकार ने कहा है कि “विपक्षी दलों का 2022 के विधानसभा चुनाव का सफर लाशों पर नहीं हो सकता”। किसी को भी माहौल बिगाड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

मरने वालों में एक पत्रकार भी: वहीं जानकारी मिल रही है लखीमपुर खीरी में हिंसा के दौरान स्थानीय पत्रकार रमन कश्यप की मौत हुई है। कश्यप, एक स्थानीय समाचार चैनल की तरफ से कवरेज के लिए गए थे। कवरेज के दौरान वह बुरी तरह घायल हो गए थे। उन्होंने अस्पताल लाया गया था लेकिन वहां उनका निधन हो गया। सोशल मीडिया पर पत्रकार की मौत को पिछले दिनों राकेश टिकैत के उस टिप्पणी से जोड़कर देखा जा रहा है, जब उन्होंने कहा था कि अगला टारगेट मीडिया होगा।

किसानों को मिलेगा मुआवजा: ताजा जानकारी के अनुसार किसान और प्रशासन के बीच सहमति बन गई है, अब मृतक किसानों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा। राकेश टिकैत से मुलाकात के बाद आईजी (लखनऊ) लक्ष्मी सिंह ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा कि शवों को पोस्टमार्टम भेजने की सहमति बन गई है, इनका पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल द्वारा वीडियोग्राफी के साथ किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मृत किसानों के परिवार को 40 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा साथ ही 5 लाख रुपये का बीमा भी मिलेगा। उन्होंने बताया कि हमने उन्हें निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।

SKM ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को लिखी चिट्ठी: वहीं संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर, उनसे लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त करने की मांग की है, साथ ही हरियाण के मुख्यमंत्री एमएल खट्टर द्वारा किसानों के खिलाफ की गई कथित टिप्पणी के मामले में उन्हें पद से हटाने की मांग की।

गौरतलब है कि रविवार को उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के पैतृक गांव में आयोजित किए जा रहे एक कार्यक्रम में शिरकत करने के विरोध को लेकर भड़की हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई। आरोप है कि मिश्रा के बेटे आशीष ने किसानों पर गाड़ी चढ़ा दी जिससे उनकी मौत हुई। इस मामले में आशीष समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।