लखीमपुर खीरी हिंसा: केंद्रीय गृहराज्य मंत्री का बेटा आशीष मिश्रा गिरफ्तार, गाड़ी चढ़ाने का किसानों ने लगाया है आरोप

शनिवार को आशीष मिश्रा पूछताछ के लिए पुलिस लाइन पहुंचा। जहां उससे हिंसा को लेकर कई सवाल किए गए। करीब 12 घंटे की पूछताछ के बाद आशीष मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया।

Ashish Mishra arrested पुलिस की गिरफ्त में आशीष मिश्रा (फोटो- इंडियन एक्सप्रेस)

लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में केंद्रीय गृहराज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया है। आशीष मिश्रा पर किसानों ने गाड़ी चढ़ाने का आरोप लगाया है। आशीष को पुलिस ने शनिवार को पूछताछ के बाद के लिए बुलाया था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

आशीष मिश्रा पर आरोप है कि उसी की गाड़ियां ने प्रदर्शन कर रहे किसानों पर गाड़ियां चढ़ाई थी। जिसके बाद हिंसा भड़की और आठ लोगों की जान चली गई। साथ ही दर्जनों लोग घायल हो गए। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे कल अदालत में पेश किया जाएगा।

इससे एक दिन पहले आशीष मिश्रा पुलिस का एक समन टाल चुका था। जिसके बाद खबर आई कि वो नेपाल भाग गया है, लेकिन शनिवार को मिश्रा पूछताछ के लिए पुलिस लाइन पहुंचा। जहां उससे हिंसा को लेकर कई सवाल किए गए। करीब 12 घंटे की पूछताछ के बाद आशीष मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया।

आशीष मिश्रा की अरेस्ट को लेकर योगी सरकार और यूपी पुलिस पर तीखे हमले हो रहे थे। आरोप लग रहे थे कि पिता के रुतबे के चलते उन्हें वीआईपी ट्रीटमेंट मिल रहा है। एक दिन पहले तक वह पुलिस के सम्मन का जवाब देने की जहमत भी नहीं उठा रहे थे। शुक्रवार को पुलिस अफसर तीन घंटे तक उनकास इंतजार करता रहा लेकिन वह नहीं पहुंचे। शनिवार को आशीष मिश्रा जांच में शामिल होने के पुलिस के पास पहुंचा तो पुलिस अधिकारी उसे मीडिया से बचाने के लिए पिछले दरवाजे से अंदर ले गए।

आशीष की अरेस्ट को सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी से भी जोड़कर देखा जा रहा है। अदालत ने यूपी सरकार से मेरिट के आधार पर एक्शन लेने को कहा था। सरकार को हिदायत दी गई थी कि वह इस बात की परवाह न करे कि आरोप किस पर हैं बल्कि कानून के तहत काम करे। कोर्ट ने कहा था कि क्या दूसरे मामलों में पुलिस आरोपी को तुरंत अरेस्ट नहीं करती है। ध्यान रहे कि यूपी पुलिस ने आशीष को गवाह के तौर पर नोटिस भेजा था न कि आरोपी की तरह से।

लखीमपुर हिंसा मामले में विपक्ष और किसान संगठन लगातार सरकार पर आशीष मिश्रा को गिरफ्तार करने के लिए दवाब बना रहे थे। शनिवार शाम ही किसान संगठनों ने 18 अक्टूबर को रेल रोको अभियान की घोषणा की थी। संयुक्त किसान मोर्चा के नेता योगेंद्र यादव ने कहा था कि केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा को हटाकर गिरफ्तार किया जाना चाहिए क्योंकि उन्होंने यह साजिश शुरू की थी। उन्होंने कहा कि वे 15 अक्टूबर को दशहरा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पुतले जलाएंगे।

जैसे ही आशीष पुलिस के पास पहुंचा, पंजाब कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। सिद्धू ने शुक्रवार को इस हिंसा में मारे गए पत्रकार रमन कश्यप के लखीमपुर आवास पर उपवास शुरू किया था। सिद्धू ने आशीष को पुलिस जांच शामिल होने या गिरफ्तार हने तक भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। इसके साथ ही सिद्धू ने मौनव्रत धारण कर लिया था।