लखीमपुर में विपक्षी नेताओं के दौरे को पैनलिस्ट ने बताया गिद्ध राजनीति, टीएमसी ने पीएम मोदी को लेकर दागा सवाल

बीजेपी की तरफ से डिबेट में बैठे शलभमणि त्रिपाठी ने कहा कि सरकार पूरी तरह से संजीदा है। ये विपक्ष है जो गिद्धों की तरह से लाशों पर राजनीति करने लखीमपुर जा रहा है। उनका सवाल था कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी अपने सूबों में होने वाले अपराधों पर क्यों चुप्पी साध लेते हैं।

rahul gandhi, lakhimpur kheri, farmer protest, UP govt, priyanka gandhi किसानों से मिलने के लिए निकले प्रियंका और राहुल गांधी (फोटो-@Dilsedesh)

लखीमपुर में विपक्षी नेताओं के दौरे पर बीजेपी की तरफ से डिबेट में बैठे पैनलिस्ट करारा हमला किया। उनका कहना था कि यह गिद्ध राजनीति है। इस पर टीएमसी की तरफ से डिबेट में बैठे पैनलिस्ट ने पीएम मोदी को लेकर सवाल दागा। उनका कहना था कि पीएम अभी तक टीकरी बॉर्डर क्यों नहीं गए।

रिपब्लिक टीवी पर एंकर अर्नब गोस्वामी ने कहा कि लखीमपुर मामले में राज्य सरकार ठीक से काम कर रही है। उनका कहना था कि मामला सामने आने के बाद से ही पुलिस एक्टिव हो गई। केस दर्ज करके मामले की जांच की जा रही है। एंकर ने कहा कि घटना एक हादसा थी, जिसमें किसानों की जान गई। कोई बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने तो किसानों को टक्कर मारने के लिए नहीं कहा था। उनका सवाल था कि इस नाजुक मसले पर विपक्ष आनन फानन में वहां जाकर रोटियां क्यों सेक रहा है। विपक्ष को ऐसा करने से बाज आना चाहिए।

टीएमसी के रिजु दत्ता ने कहा कि विपक्ष कोई राजनीति नहीं कर रहा है। सरकार के मंत्री के बेटे ने किसानों को पीछे से टक्कर मारी। इसमें चार किसानों की मौक हो गई। उनका कहना था कि सरकार लीपापोती कर रही है। अभी तक मुख्य आरोपी को भी अरेस्ट नहीं किया जा सका है। विपक्ष के नेता किसानों की आवाज उठाने वहां जा रहे हैं। उनका सवाल था कि अगर यह गलत है तो गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी मुंबई में आतंकी हमले के बाद क्यों प्रेस वार्ता करने गए थे। उस समय क्या किसी ने उनसे इस बारे में पूछा था।

बीजेपी की तरफ से डिबेट में बैठे रमणीक मान ने कहा कि सरकार पूरी तरह से संजीदा है। ये विपक्ष है जो गिद्धों की तरह से लाशों पर राजनीति करने लखीमपुर जा रहा है। उनका सवाल था कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी अपने सूबों में होने वाले अपराधों पर क्यों चुप्पी साध लेते हैं। उन्हें केवल बीजेपी शासित राज्यों में ही कमी क्यों नजर आती है। उनका कहना था कि चुनावों से पहले विपक्ष बेवजह मामले को तूल दे रहा है।

एआईएमआईएम के प्रवक्ता वारिस पठान ने एंकर के सवाल पर तीखा हमला बोला। उनका कहना था कि ये बीजेपी की सरकार ही है जो मामले को तूल देने में लगी है। अपने मंत्री के बेटे को बचाने के लिए किस तरह की दलीलें दी जा रही हैं। सरकार को कोई लिहाज रहा ही नहीं है। किसानों को पीछे से टक्कर मारी जाती है। बीजेपी नेता अंगूठे से इशारा करते देखे जा रहे हैं।