लगता है कि TMC की अपनी विचारधारा नहीं है? Congress का जिक्र कर प्रशांत किशोर ने दिया यह जवाब

एक इंटरव्यू के दौरान जब प्रशांत किशोर से यह सवाल पूछा कि क्या आपको लगता है कि तृणमूल कांग्रेस की कोई विचारधारा नहीं है। तो इसपर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि टीएमसी पार्टी की विचारधारा और डीएनए की जड़ें कांग्रेस से ही जुड़ी हुई है क्योंकि यह कांग्रेस से ही निकलकर बनी है।

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने शानदार जीत दर्ज की और ममता बनर्जी तीसरी बार मुख्यमंत्री चुनी गईं। तृणमूल के इस जीत के पीछे चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर का अहम योगदान माना जा रहा है। प्रशांत किशोर पिछले काफी समय से तृणमूल कांग्रेस के लिए रणनीति बनाने में जुटे हुए थे। एक इंटरव्यू के दौरान जब प्रशांत किशोर से यह पूछा गया कि लगता है कि TMC की कोई अपनी विचारधारा नहीं है? तो इसपर जवाब देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि TMC कांग्रेस से निकली हुई पार्टी है इसलिए उसकी विचारधारा भी कमोबेश वही है।

दरअसल द लल्लनटॉप पर आयोजित एक इंटरव्यू में जब पत्रकार सौरभ द्विवेदी ने प्रशांत किशोर से यह सवाल पूछा कि क्या आपको लगता है कि तृणमूल कांग्रेस की कोई विचारधारा नहीं है। तो इसपर जवाब देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि टीएमसी पार्टी की विचारधारा और डीएनए की जड़ें कांग्रेस से ही जुड़ी हुई है क्योंकि यह कांग्रेस से ही निकलकर बनी है। जो टीएमसी के लोग हैं उनमें से अधिकांश लोग कांग्रेस से निकलकर ही आए हैं। इसलिए यह कहना कि टीएमसी की कोई विचारधारा नहीं है, यह तो बहुत ही गलत होगा।

प्रशांत किशोर के इस जवाब पर सौरभ द्विवेदी ने कहा कि इसका मतलब यह कि टीएमसी और कांग्रेस की विचारधारा एक है। तो इसपर प्रशांत किशोर ने कहा कि मैं यह नहीं कह रहा हूं लेकिन टीएमसी की विचारधारा की जड़ें कांग्रेस से ही जुड़ी हुई है। आगे प्रशांत किशोर ने कहा कि जहां तक मुझे समझ है उसके हिसाब से टीएमसी की विचारधारा लेफ्ट- सेंटर और कल्याणकारी राज्यों वाली है। टीएमसी वाले मां माटी मानुष की बातें करते हैं और उससे यही पता चलता है। 

इसके अलावा प्रशांत किशोर ने कहा कि मेरा काम टीएमसी के अतीत और भविष्य पर चर्चा करना नहीं है। मैं सिर्फ एक सीमित कालखंड के लिए टीएमसी से जुड़ा हुआ हूं। तृणमूल आज से 10 साल बाद क्या करेगी इसके बारे में ज्यादा तो पार्टी के नेता ही बता पाएंगे। इस इंटरव्यू के दौरान प्रशांत किशोर ने पूर्व में अन्य पार्टियों के लिए बनाए गए चुनावी रणनीति को लेकर भी जवाब दिया। 

इस दौरान जब प्रशांत किशोर से यह पूछा गया कि क्या आप आने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव में कैप्टन अमरिंदर सिंह के लिए रणनीति नहीं बनाएंगे। तो प्रशांत किशोर ने कहा कि अभी कुछ भी कहना ठीक नहीं है। मैंने पंजाब सरकार में एक पद को स्वीकार जरूर किया है और वह लोगों की नजरों में है। उस पद को स्वीकार करने के पीछे मकसद यही है कि जो पिछले पंजाब चुनाव के दौरान कांग्रेस के द्वारा वादे किए गए थे उसको पूरा किया जा सके।