लालकृष्ण आडवाणी का नाम ले बोले अमिश देवगन- राजनीति में रिटायरमेंट नाम की चीज होनी चाहिए; पैनलिस्ट से हो गई बहस

एंकर अमिश देवगन बोले- ‘ये बहस बंगाल के ऊपर है, ये बहस कौन भगवान राम की यात्रा का संचालन कर रहा था….उसपर नहीं है। लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी पर…

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न्यूज 18 इंडिया की एक लाइव डिबेट के दौरान एंकर अमिश देवगन पैनलिस्ट पर भड़कते दिखे। इस दौरान अमिश ने लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी का नाम लेते हुए कहा कि- राजनीति में भी रिटायरमेंट नाम की चीज होनी चाहिए। यह सबको समझने की जरूरत है। इस दौरान उनकी पैनलिस्ट से तीखी नोंकझोंक भी होती दिखी।

डिबेट के दौरान अमिश देवगन ने पैनलिस्ट को टोंकते हुए कहा, ‘ये बहस बंगाल के ऊपर है, ये बहस कौन भगवान राम की यात्रा का संचालन कर रहा था…उस पर नहीं है। एलके आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी पर नहीं है…। आडवाणी अपनी पारी पूरी कर चुके हैं। 86 की उम्र में उन्हें प्रधानमंत्री पद का कैंडिडेट बनाया गया था। राजनीति में रिटायरमेंट नाम की भी एक चीज होती है और वो लेनी चाहिए सबको अपने समय पर…।’

उन्होंने आगे कहा- ‘जो नहीं लेते वो गलत करते हैं। राजनीति में रिटायरमेंट नाम की भी चीज होनी चाहिए। आप काम करते हैं तो रिटायर होते हैं ना? तो नेताओं को भी रिटायर होना चाहिए। एलके आडवाणी- मुरली मननोहर जोशी ने अपना काम बहुत बढ़िया ढंग से करके खत्म कर दिया है। अब बार-बार डिबेट को उस दिशा में ले जाना…वो सही नहीं है।’

अमिश देवगन की इस प्रतिक्रिया पर लोगों ने भी कमेंट करना शुरू कर दिया। ज्यादातर लोग अमिश देवगन की बात पर सहमति जताते दिखे। तनराज नाम के यूजर ने लिखा- ‘बिल्कुल ठीक कहा, अगर नौकरी में 60 वर्ष आयु निर्धारित है तो नेताओं की आयु और आवश्यक योग्यता क्यों नहीं?

एक यूजर ने कहा- ये अपने आप कभी रिटायर नहीं होंगे इन्हें forced retirement पर भेजना होगा। एक अन्य यूजर ने लिखा, बस मोदी एक्सेप्शनल केस हैं।’ धनंजय नाम के यूजर ने कहा, ‘अमिश मजा आ गया आज की डिबेट में और हां आपने तो मीर जाफर के साथ-साथ जयचंद के भी दर्शन करा दिए…।’

एक अन्य यूजर ने लिखा- राजनीति में रिटायरमेंट जैसी कोई बात नहीं होती। जोखिम की प्रकृति जो एक राजनीतिज्ञ अपने करियर के दौरान उठाता है, उसे सेवानिवृत्त करना असंभव हो जाता है।