लियोनल मेसी के बाद चला क्रिस्टियानो रोनाल्डो का जादू, तोड़ा 37 साल पुराना रिकॉर्ड; फ्रांस ने जर्मनी को रौंदा

रोनाल्डो ने हंगरी के खिलाफ मैच में उतरते ही कई रिकॉर्ड बना दिए। वे पांच (2004, 2008, 2012, 2016, 2020) यूरो कप में खेलने वाले पहले फुटबॉलर बने। वे किसी मेजर टूर्नामेंट (यूरो कप और वर्ल्ड कप) में सबसे ज्यादा 39 मैच खेलने वाले खिलाड़ी बने।

क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने हंगरी के खिलाफ 3-0 की जीत में दो गोल किए। (Reuters)

फुटबॉल में वर्ल्ड कप के बाद दुनिया के दो बड़े टूर्नामेंट यूरो कप और कोपा अमेरिका का रोमांच फैंस के सिर-चढ़कर बोल रहा है। दो सबसे बड़े फुटबॉलर के क्रिस्टियानो रोलाल्डो और अर्जेंटीना के लियोनल मेसी एक्शन में है। मेसी कोपा अमेरिका तो रोनाल्डो यूरो कप में अपना जादू दिखा रहे हैं। पुर्तगाल के रोनाल्डो ने मंगलवार (15 जून) को हंगरी के खिलाफ दो गोल दागे। उनकी टीम ने आखिरी मिनटों में दनादन तीन गोल कर हंगरी को 3-0 से रौंद दिया।

इससे पहले मेसी ने चिली के खिलाफ फ्री-किक पर डायरेक्ट गोल किया था। हालांकि, उनकी टीम 1-0 की लीड को कायम नहीं रख सकी और मुकाबला 1-1 से ड्रॉ रहा था। दूसरी ओर, रोनाल्डो ने हंगरी के खिलाफ मैच में उतरते ही कई रिकॉर्ड बना दिए। वे पांच (2004, 2008, 2012, 2016, 2020) यूरो कप में खेलने वाले पहले फुटबॉलर बने। वे किसी मेजर टूर्नामेंट (यूरो कप और वर्ल्ड कप) में सबसे ज्यादा 39 मैच खेलने वाले खिलाड़ी बने। उन्होंने जर्मनी के बेस्टियन स्वेंसटाइगर के 38 मैचों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। रोनाल्डो यूरो चैंपियनशिप में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने फ्रांस के मिशेल प्लाटिनी (9 गोल) के 37 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया।

रोनाल्डो यूरो चैंपियनशिप के एक मैच में दो या उससे ज्यादा गोल करने वाले सबसे बुजुर्ग खिलाड़ी बन गए। उन्होंने 36 साल 130 दिन की आयु में दो गोल दागे। इससे पहले 2012 में स्वीडन के एंड्रिय शेवचेंको यूक्रेन के खिलाफ 35 साल 256 दिन की आयु में ऐसा किया था। रोनाल्डो के प्रदर्शन के दम पर पुर्तगाल यूरो चैंपियनशिप के मैच के आखिरी 10 मिनट में 3 गोल करने वाली पहली टीम बन गई।

France vs Germany: यूरो कप में मंगलवार को खेले गए दूसरे मुकाबले में फ्रांस ने जर्मनी को 1-0 से हरा दिया। 2018 वर्ल्ड कप चैंपियन फ्रांस और 2014 वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिला। दोनों टीमों ने गोल करने के भरपूर प्रयास किए, लेकिन किसी भी स्ट्राइकर को सफलता नहीं मिली। जर्मनी के डिफेंडर मैट हूमल्स ने आत्मघाती गोल किया। वे 2019 के बाद टीम में शामिल हुए थे। उनके लिए टीम में वापसी यादगार नहीं रही। फ्रांस आत्मघाती गोल से जीतने में सफल रहा।