लेबनान से प्रवासियों को ले जा रही नौका सीरिया के पास डूबी, 15 लोगों की मौत

हाइलाइट्स

सीरिया के तट के पास प्रवासियों की नाव पलट गई, जिससे कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई.
अधिकारिों ने बताया कि 8 लोगों को बचा लिया गया है, उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है.
साल 2020 के मुकाबले साल 2021 और 2022 में तेजी से लेबनान से पलायन के मामले बढ़े हैं.

दमिश्क. लेबनान से प्रवासियों को ले जा रही एक नौका बृहस्पतिवार दोपहर बाद सीरिया के तट के पास पलट गई, जिससे कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई. सीरिया की सरकारी मीडिया ने यह खबर दी. सीरिया के सरकारी टीवी ने सीरियाई बंदरगाह प्राधिकरण के प्रमुख जनरल सामिर कोब्रोसली के हवाले से कहा कि 15 शव बरामद कर लिए गए हैं और आठ लोगों को बचाकर इलाज के लिए तटीय शहर तरतूस में एक अस्पताल ले जाया गया है. उन्होंने कहा कि अधिकारी सीरियाई भूमध्यसागरीय द्वीप अरवाद के निकट जिंदा बचे लोगों की तलाश कर रहे हैं. यह तत्काल स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नौका पर कितने लोग सवार थे और वे कहां जा रहे थे.

रिपोर्ट में जीवित बचे लोगों के हवाले से कहा गया है कि नाव कुछ दिनों पहले उत्तरी लेबनान के मिनेह से रवाना हुई थी और उसमें सवार विभिन्न देशों के थे. लोगों ने कहा कि स्थानीय मछुआरों की मदद से तलाशी अभियान जारी है. बता दें कि 1850 के दशक के बाद से दुनिया के सबसे गहरे आर्थिक संकटों में से एक के कारण लेबनान में पलायन में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है. लेबनान के अलावा, प्रवासी नावों पर सवार होने वालों में से कई स्वयं पहले से ही सीरिया और फिलिस्तीनी क्षेत्रों से शरणार्थी हैं. इससे पहले गुरुवार को, उत्तरी लेबनान के शहर त्रिपोली में दर्जनों लोगों ने अधिकारियों को सचेत करने के लिए विरोध प्रदर्शन किया कि उनका एक प्रवासी नाव से संपर्क टूट गया था, जिसमें दर्जनों लोग सवार थे.

लेबनानी सेना ने बुधवार को कहा कि उसने देश के जल क्षेत्र में एक खराब नाव पर सवार 55 लोगों को बचाया था, जिसे वापस किनारे पर लाया गया था. बीते अप्रैल में, एक प्रवासी नाव जो त्रिपोली के पास से रवाना हुई थी, देश के तट पर लेबनानी नौसेना द्वारा एक अवरोधन के दौरान डूब गई थी. लगभग 80 लेबनानी, सीरियाई और फिलिस्तीनी प्रवासी सवार थे, जिनमें से लगभग 40 को बचा लिया गया था, सात की मौत की पुष्टि की गई थी और लगभग 30 आधिकारिक रूप से लापता हैं. संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी ने इस महीने की शुरुआत में रॉयटर्स को बताया कि 2020 से 2021 में लेबनान छोड़ने या छोड़ने की कोशिश करने वालों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई और 2022 में 70 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई. इसका मुख्य कारण लेबनान में बिगड़ती आर्थिक स्थिति और जीवित रहने में असमर्थता है.

Tags: Syria