लोगों की आय 20% तक हो गई कम, मोदी सरकार की प्राथमिकताएं जीवन और जीविका के लिए खतरनाक- लेख शेयर कर बोले येचुरी

येचुरी ने महेश व्यास के लेख को शेयर किया था। लेख में देश की अर्थव्यवस्था और आर्थिक संकट को लेकर बात की गयी थी। व्यास ने लिखा था कि कोरोना लॉकडाउन के बाद भी बाजार में उपभोक्ता की वापसी नहीं हुई है।

sitaram yechury, CPM, coronavirus सीपीएम नेता सीताराम येचुरी (एक्सप्रेस फोटो/विशाल श्रीवास्तव)

माकपा नेता सीताराम येचुरी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने एक लेख शेयर करते हुए कहा है कि लोगों की आय 20% तक कम हो गयी है। मोदी सरकार की प्राथमिकताएं जीवन और जीविका के लिए खतरनाक साबित हो रही है।

येचुरी ने महेश व्यास के लेख को शेयर किया था। लेख में देश की अर्थव्यवस्था और आर्थिक संकट को लेकर बात की गयी थी। व्यास ने लिखा था कि कोरोना लॉकडाउन के बाद भी बाजार में उपभोक्ता की वापसी नहीं हुई है। दुनिया के अन्य देशों में भी नुकसान हुआ है लेकिन भारत जैसे हालात कहीं नहीं हैं। हर परिवार की आमदनी में लगभग 14.9 प्रतिशत की कमी आयी है जिसमें 6 प्रतिशत के मुद्रास्फीति को जोड़ने के बाद आंकड़ा 20 तक पहुंच जाता है।

व्यास ने लिखा है कि 29 अगस्त को समाप्त हुए सप्ताह में 43 प्रतिशत लोगों ने बताया है कि उनकी आमदनी पिछले एक साल की सबसे कम रही है। बताते चलें कि माकपा नेता येचुरी हाल के दिनों में लगातार ट्वीट कर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमलावर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने एक कार्टून शेयर किया था और लिखा था हमारे भारत को बेचना बंद करो मोदी जी।सीताराम येचुरी द्वारा ट्वीट किए गए कार्टून में लिखा गया है कि नया भारत बिकाऊ है। साथ ही प्रधानमंत्री को यह कहते हुए दिखाया गया है कि व्यवस्था कर दी है आप सबको भी फकीर बनाने की।

इधर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने जलियांवाला बाग स्मारक स्थल का पुनर्निर्माण किये जाने के बाद इसकी भव्यता को लेकर सोशल मीडिया में उठ रहे सवालों का हवाला देते हुए मंगलवार को आरोप लगाया कि यह शहीदों का अपमान है और यह वही कर सकता है जो शहादत का मतलब नहीं जानता। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘जलियांवाला बाग़ के शहीदों का ऐसा अपमान वही कर सकता है जो शहादत का मतलब नहीं जानता। मैं एक शहीद का बेटा हूं। शहीदों का अपमान किसी कीमत पर सहन नहीं करूंगा। हम इस अभद्र क्रूरता के ख़िलाफ़ हैं।’’ कांग्रेस नेता ने यह भी कहा, ‘‘जिन्होंने आजादी की लड़ाई नहीं लड़ी, वे उन लोगों को नहीं समझ सकते, जिन्होंने आजादी की लड़ाई लड़ी।’’